स्कूली पाठ्य पुस्तकों में संशोधन किया जाएगा: मधु बंगारप्पा
कर्नाटक के प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री मधु बंगारप्पा ने गुरुवार को कहा था कि छात्रों के हित में इस साल ही स्कूली पाठ्य पुस्तकों में संशोधन किया जाएगा। बंगारप्पा ने बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए यह भी संकेत दिया था कि पाठ्यपुस्तक संशोधन का प्रस्ताव संभवत: अगली बैठक में मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा। हालांकि, जब उनसे उन रिपोर्टों के बारे में पूछा गया, जिनमें कहा गया है कि पिछली भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गई पाठ्यपुस्तकों से कुछ पाठों को हटाने की योजना चल रही है, जिसमें आरएसएस के संस्थापक पर एक पाठ भी शामिल है, उन्होंने विस्तार में नहीं जाना चाहा।
'इतिहास में जो कोई भी वंशवाद का हिस्सा नहीं..'
राज्यसभा सदस्य चंद्रशेखर ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, 'मेरा उन पर नियंत्रण नहीं है कि वे क्या करते हैं या कहते हैं, लेकिन यह (पाठ हटाने का कदम) बिल्कुल गलत है। यह उनके डीएनए में है। इतिहास में जो कोई भी वंशवाद का हिस्सा नहीं है, उनका उसे बाहर निकालने का इरादा है।' उन्होंने कहा कि इतिहास को देखने का उनका नजरिया नेहरू-गांधी परिवार तक सीमित है।
कांग्रेस को जवाब देगी जनता..
चंद्रशेखर ने हेडगेवार पर एक पाठ हटाने के कर्नाटक सरकार के कथित कदम को 'भारत के युवाओं के खिलाफ अपराध' बताया। उन्होंने कहा कि जनता छात्रों को भारत के बारे में सच्चाई से वंचित करने के लिए कांग्रेस को जवाब देगी।' कांग्रेस ने हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों के लिए अपने घोषणापत्र में वादा किया था कि वह भाजपा के सत्ता में रहने के दौरान स्कूली पाठ्यपुस्तकों में किए गए बदलावों को रद्द करेंगे। पार्टी ने राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को रद्द करने का भी वादा किया था।
राहुल गांधी की 'मोहब्बत की दुकान' पर किया पलटवार
केंद्रीय मंत्री चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के 10 साल ‘खोए हुए दशक’ रहे और इस दौरान उसके 'भ्रष्टाचार की दुकान देखी गई। ‘मोहब्बत की दुकान’ के कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नारे पर तंज कसते हुए भाजपा नेता ने उन्हें शानदार विदेशी पर्यटक करार दिया।
भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि भारत अपने इतिहास में 'सबसे महत्वपूर्ण' दौर का सामना कर रहा है। क्योंकि प्रधानमंत्री के निर्णायक और प्रभावी नीतिगत फैसलों के कारण यह नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है।
भारत के तकनीकी विशेषज्ञों का दशक
केंद्रीय उद्यमिता, कौशल विकास, इलेक्ट्रॉनिक्स और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री ने कहा, अगर हम 2004 से 2014 तक की अवधि को प्रौद्योगिकी क्षेत्र में हुई प्रगति के नजरिए से देखें तो इसके लिए सबसे उपयुक्त विवरण भ्रष्टाचार की दुकान होगा। उन्होंने कहा, यह वह दौर था जब 2-जी घोटाला हुआ, एंट्रिक्स-देवास घोटाला हुआ... निवेशक भारत छोड़ रहे थे और बीएसएनएल पूरी तरह से बर्बाद हो गया था। उन्होंने कहा, संप्रग का 2004-2014 का दशक बर्बाद हो गया और प्रधानमंत्री मोदी के सत्ता में आने के साथ शुरू होने वाला दशक भारत के तकनीकी विशेषज्ञों का दशक है।