जज लोया की मौत मामले में कांग्रेस ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बड़े खुलासे किये। कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि लोया मामले में RSS के एक शख्स की ओर से PIL दाखिल की गई थी जिससे यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच सके। PIL दाखिल करने वाले शख्स का नाम सूरज लोलगे था जोकि नागपुर से है और बीजेपी-RSS का करीबी है। उसने सिविक चुनाव के लिए बीजेपी से टिकट भी मांगा था।
सिब्बल ने कहा कि इस PIL के पीछे राजनीतिक वजहें थीं। हमें इस बात का अफसोस है कि मामले में PIL दाखिल होने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। सिब्बल ने कहा कि न्यायपालिका खतरे में है, कानून के मुताबिक कॉलेजियम जो कहता है, वही होगा जबकि सरकार कहती है कि अगर उसके मन का न किया गया तो कॉलेजियम की सिफारशों को नजरअंदाज किया जायेगा।
सिब्बल ने कहा कि बीजेपी कहती है कि देश बदल रहा है, लेकिन अब देश बदल चुका है। न्यायपालिका के साथ सरकार जो बर्ताव कर रही है, वह पूरा देश जानता है। सरकार की मंशा साफ है,वह जस्टिस जोसेफ को जज नहीं बनने देंगे। सरकार कॉलेजियम के हिसाब से नहीं चलना चाहती।
इस मामले में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस के पास कोई नैतिक अधिकार नहीं है जो वह हमसे न्यायव्यवस्था पर सवाल करे। कांग्रेस का पूरा रिकॉर्ड बहुत से उदाहरणों से भरा हुआ है कि कैसे भारत की न्यायपालिका से समझौता किया गया।