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Congress Presidential Poll: कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए आज होगा मतदान, थरूर के मुकाबले खरगे का पलड़ा भारी

Mon, 17 Oct 2022 06:59 AM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के एआईसीसी मुख्यालय में मतदान करने की उम्मीद है, वहीं राहुल गांधी कर्नाटक के संगनाकल्लू में मतदान करेंगे। थरूर अपना वोट केरल कांग्रेस मुख्यालय तिरुवनंतपुरम में डालेंगे, जबकि खरगे बेंगलुरु में कर्नाटक कांग्रेस कार्यालय में मतदान करेंगे।
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खरगे और थरूर के बीच मुकाबला - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खरगे और शशि थरूर आज कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनावी मुकाबले में आमने-सामने होंगे। सुबह 10 बजे से मतदान शुरू होगा। 22 साल बाद हो रहे चुनाव के नतीजे 19 अक्तूबर को आएंगे। इसी के साथ पार्टी को एक गैर गांधी अध्यक्ष मिलना तय है। 9,000 से अधिक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के प्रतिनिधि गुप्त मतदान में पार्टी प्रमुख को चुनने के लिए मतदान करेंगे। पार्टी के 137 साल के इतिहास में छठी बार चुनावी मुकाबले में एआईसीसी मुख्यालय और देश भर के 65 से अधिक मतदान केंद्रों पर मतदान होगा।

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खरगे गांधी परिवार की पसंद 
इस दिलचस्प मुकाबले पर सभी की नजरें हैं, हालांकि हाईकमान का पसंदीदा नेता होने के नाते खरगे का पलड़ा भारी माना जा रहा है। मतदान सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। मतदान के बाद सीलबंद बक्सों को राज्यों से दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय लाया जाएगा। चुनाव में वरिष्ठ नेता खरगे का पलड़ा भारी माना जा रहा है। उन्हें गांधी परिवार की पसंद कहा जा रहा है। साथ ही पार्टी वरिष्ठ नेताओं का भी उन्हें समर्थन हासिल है। वहीं दूसरी ओर थरूर खुद को पार्टी में बदलाव का उम्मीदवार बताकर समर्थन जुटाते रहे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान थरूर ने दोनों उम्मीदवारों को लेकर भेदभाव का भी आरोप लगाया था।

राहुल गांधी कर्नाटक के संगनाकल्लू में करेंगे मतदान 
जहां पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के यहां एआईसीसी मुख्यालय में मतदान करने की उम्मीद है, वहीं राहुल गांधी कर्नाटक के संगनाकल्लू में भारत जोड़ो यात्रा शिविर में लगभग 40 अन्य यात्रियों के साथ मतदान करेंगे, जो पीसीसी के प्रतिनिधि हैं। थरूर अपना वोट केरल कांग्रेस मुख्यालय तिरुवनंतपुरम में डालेंगे, जबकि खरगे बेंगलुरु में कर्नाटक कांग्रेस कार्यालय में मतदान करेंगे। खरगे को गांधी परिवार से उनकी कथित निकटता और वरिष्ठ नेताओं के समर्थन के लिए पसंदीदा माना जा रहा है, वहीं थरूर ने खुद को बदलाव के उम्मीदवार के रूप में पेश किया है।
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थरूर ने उठाया असमान मुकाबले का मुद्दा 
प्रचार के दौरान भले ही थरूर ने असमान मुकाबले के मुद्दों को उठाया, लेकिन पार्टी ने यह सुनिश्चित किया है कि गांधी तटस्थ हैं और कोई आधिकारिक उम्मीदवार नहीं है। प्रतिनिधियों को लुभाने के अभियान के तहत खरगे और थरूर ने अभियान के आखिरी दिन बेंगलुरू में और बाद में लखनऊ में जोरदार अपील की। बेंगलुरू में बोलते हुए खरगे ने कहा कि अगर वह अध्यक्ष बनते हैं उन्हें पार्टी के मामलों को चलाने में गांधी परिवार की सलाह और समर्थन लेने में कोई शर्म नहीं होगी, क्योंकि उन्होंने संघर्ष किया है और इसके विकास के लिए अपनी ताकत लगाई है। इस बीच थरूर ने खरगे का समर्थन करने वाले कुछ वरिष्ठ नेताओं पर परोक्ष रूप से कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ सहयोगी 'नेतागिरी' में लिप्त हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं से कह रहे हैं कि वे जानते हैं कि सोनिया गांधी किसे निर्वाचित करना चाहती हैं।  

जबकि खरगे खेमे ने उनके लिए वोट मांगने के लिए एक अभियान वीडियो साझा किया, जिसमें राहुल गांधी के साथ भारत जोड़ो यात्रा में फिल्म 'लक्ष्य' के गाने 'कंधों से मिलते हैं कंधे' के साथ चलने के दृश्य शामिल थे, थरूर ने एक उत्साही वीडियो जारी किया ट्विटर पर अपील करते हुए मतदाताओं से परिवर्तन को गले लगाने के लिए साहस दिखाने का आह्वान किया।

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चुनाव में वरिष्ठ नेता खरगे का पलड़ा भारी माना जा रहा है। उन्हें गांधी परिवार की पसंद कहा जा रहा है। साथ ही पार्टी वरिष्ठ नेताओं का भी उन्हें समर्थन हासिल है। वहीं दूसरी ओर थरूर खुद को पार्टी में बदलाव का उम्मीदवार बताकर समर्थन जुटाते रहे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान थरूर ने दोनों उम्मीदवारों को लेकर भेदभाव का भी आरोप लगाया था।

137 साल में छठवीं बार चुनाव : 137 साल पुरानी कांग्रेस पार्टी में छठवीं बार अध्यक्ष पद के लिए चुनाव कराया जा रहा है। इस चुनाव में गांधी परिवार का कोई भी सदस्य हिस्सा नहीं ले रहा है। पार्टी अध्यक्ष के लिए आखिरी बार चुनाव 2000 में हुआ था। उस वक्त सोनिया गांधी ने यूपी से नेता जितेंद्र प्रसाद को हराया था।

कांग्रेस अध्यक्ष पद चुनाव में प्रदेश कांग्रेस समितियों के निर्वाचित मंडल के सदस्यों को अब पसंद के उम्मीदवार के नाम के आगे ‘1’ की जगह सही का निशान मान्य होगा। इसके पहले मतपत्र पर पसंद के उम्मीदवार के नाम के आगे ‘1’ लिखने के निर्देश दिए गए थे। इससे शशि थरूर के लिए मुश्किल स्थिति बन गई थी। 

समस्या के समाधान के लिए उनकी टीम ने पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण अध्यक्ष के साथ यह मुद्दा उठाया था। दरअसल, मतपत्र में मल्लिकार्जुन खरगे का नाम क्रमांक ‘1’ पर और थरूर का नंबर ‘2’ पर है। इससे मतदाताओं को भ्रमित होने की आशंका थी। 

गांधी परिवार की सलाह लेने में शर्म नहीं : खरगे
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को कहा कि गांधी परिवार ने पार्टी को मजबूत करने के लिए संघर्ष किया है। पार्टी अध्यक्ष चुने जाने पर उन्हें गांधी परिवार की सलाह और समर्थन लेने में कोई शर्म नहीं होगी। अध्यक्ष बनने के बाद गांधी परिवार द्वारा रिमोट से नियंत्रण के सवाल पर खरगे ने कहा, ऐसी बातें वे कहते हैं जिनके पास कहने के लिए कुछ नहीं है। भाजपा इस तरह के अभियान में शामिल है। उन्होंने कहा, सोनिया गांधी ने 20 साल तक संगठन में काम किया है। एजेंसी
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