कांग्रेस कार्यकारिणी समिति से प्रणब मुखर्जी को विदाई देते वक्त सोनिया गांधी ने कहा था कि उन्हें ‘उनके (प्रणब) नखरे की कमी खलेगी।’ दरअसल, जून 2012 में यूपीए की तरफ से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर उनके नाम की औपचारिक मंजूरी देने वाली एक बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष ने यह कहा था।
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने हाल ही में विमोचित अपनी पुस्तक ‘द कोलिशन इयर्स’ में लिखा है, ‘राष्ट्रपति चुनाव को लेकर एक बैठक को संबोधित करने के बाद सोनिया गांधी ने मुझे एक भावुक विदाई दी थी... इसके बाद, उन्होंने थोड़ी मुस्कुराहट के साथ मुझे देखा और कहा था, ‘बेशक, मुझे उनके कुछ नखरे की कमी खलेगी।’
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मुखर्जी का तीसरा संस्मरण इस बारे में कई जानकारी देता है कि किस तरह से यूपीए अध्यक्ष देश के शीर्ष पद के लिए उनके नाम की मंजूरी देने को अनिच्छुक रही थी जबकि उन्होंने अक्सर स्वीकार किया कि वह इस पद के लिए सबसे ज्यादा योग्य व्यक्ति हैं।