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महाराष्ट्र में शरद पवार की सलाह को मान लेंगी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

Sat, 02 Nov 2019 04:35 AM IST
संजीव कुमार झा शशिधर पाठक, अमर उजाला
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सोनिया गांधी(फाइल फोटो)
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महाराष्ट्र में सरकार बनने की संभावना पर आखिरी निर्णय कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लेना है। सोनिया गांधी इस संदर्भ में एनसीपी के नेता शरद पवार द्वारा तैयार की गई डिजाइन को मान लेंगी। हालांकि कांग्रेस पार्टी महाराष्ट्र में चुनाव के बाद सरकार बनने की संभावना पर खामोश है। कांग्रेस बहुत फूंक-फूंककर कदम रख रही है। कांग्रेस पार्टी की संस्कृति के अनुरुप ही शरद पवार भी बिना शोर मचाए अपना पत्ता फेंक रहे हैं। गुरुवार को एनसीपी नेता से शिवसेना के संजय राऊत आकर मिले थे। शुक्रवार को उन्होंने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से टेलीफोन पर बात की है।

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इधर नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पृथ्वी राज चौहान समेत अन्य कांग्रेस के नेताओं से चर्चा की है। समझा जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने राज्य के ताजा राजनीतिक घटनाक्रम, सरकार बनने की संभावना, एनसीपी के सहयोग से शिवसेना के नेतृत्व में सरकार बनने की संभावना में कांग्रेस की भूमिका समेत तमाम पहलुओं पर चर्चा की है। हालांकि अभी कांग्रेस और एनसीपी दोनों ही पार्टियों के नेता महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव बाद बनने वाली सरकार के स्वरुप को लेकर कोई बात नहीं कर रहे हैं।

भाजपा भी चुप

महाराष्ट्र में सरकार बनाने की संभावना पर अब भाजपा भी फूंक-फूंककर कदम रख रही है। पार्टी के नेता कम बोल रहे हैं। निवर्तमान मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस भी अब हवा का रुख देखकर चल रहे हैं। महाराष्ट्र भाजपा के एक नेता का कहना है कि पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह और कार्यवाहक अध्यक्ष जेपी नड्डा ही अब इस बारे में कोई निर्णय लेंगे। माना जा रहा है कि महाराष्ट्र में सरकार बनने की स्थिति साफ होने में अभी कुछ समय लगेगा।

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क्या शिवसेना महाराष्ट्र में बना सकती है सरकार?

शिवसेना महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री का पद चाहती है। भाजपा अभी इसके लिए तैयार नहीं है। सूत्र बताते हैं कि भाजपा नेताओं ने कुछ प्रस्ताव रखे हैं, लेकिन शिवसेना 50-50 के फार्मूले पर अड़ी है। दूसरी तरफ शिवसेना के नेता संजय राऊत, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अपने रुख पर कायम हैं। भाजपा के महाराष्ट्र से जुड़े नेता इसे शिवसेना की दबाव की राजनीति करार दे रहे हैं।

भाजपा को अब भी भरोसा है कि महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना सरकार बनेगी। महाराष्ट्र के निवर्तमान मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस   लगातार दावा कर रहे हैं कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री वही बनेंगे। फडणवीस को भाजपा का विधायक दल का नेता चुना जा चुका है।

भाजपा की इस तरह की उम्मीदों के बीच शिवसेना ने अन्य विकल्प अजमाने की पहले धमकी दी और अब काम करना शुरू कर दिया है। शरद पवार, उद्धव ठाकरे के बीच में फोन वार्ता को इसी नजरिए से देखा जा रहा है। राजनीति के हलके में शरद पवार की पार्टी एनसीपी को शिवसेना के साथ जाने में कोई परहेज नहीं है।

क्या है शिवसेना के पास विकल्प?

शिवसेना महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए भाजपा के अलावा एनसीपी और कांग्रेस के समर्थन पर निर्भर है। कांग्रेस को शिवसेना को सीधे समर्थन देने या शिवसेना के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होने से परहेज हो सकता है। वहीं एनसीपी को कोई आपत्ति तुलना में कम होगी।

ऐसे में शिवसेना-एनसीपी की सरकार को कांग्रेस पार्टी बाहर से मुद्दों पर आधारित समर्थन देकर सरकार बनवाने की संभावना पर राजी हो सकती है। ऐसा होने पर शिवसेना की राजनीति में न केवल जोरदार इंट्री हो जाएगी, बल्कि उससे अन्य दलों का छुआछूत भी कुछ हद तक खत्म हो जाएगा। इस तरह से सांप मर जाए और लाठी भी न टूटे के मुहावरे की राजनीति का प्रयोग देखने को मिल सकता है।

शरद पवार की सलाह क्यों होगी अहम?

एनसीपी के शरद पवार एक तरह से राजनीति की अंतिम पारी खेल रहे हैं। उम्र के आखिरी पड़ाव में पहुंचे शरद पवार पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को सलाह देते रहे हैं। पवार पूर्व कांग्रेसी हैं और एनसीपी के कांग्रेस के साथ आने के बाद उन्होंने सहयोगी दल के तौर पर कभी कोई परेशानी नहीं खड़ी की। सहयोगी दल ने पार्टी हित ध्यान में रखकर धर्म निभाया।

शरद पवार बड़े मराठा नेता हैं। कुछ महीने पहले कहा जा रहा था कि वह एनसीपी का कांग्रेस पार्टी में विलय पर विचार कर रहे हैं। वैसे भी लोकसभा और राज्यसभा में कांग्रेस पार्टी को सहयोगियों की जरूरत है।
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