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मध्यप्रदेश के किसान आंदोलन से तीन राज्यों में सत्ता की राह बनाने की जुगत में कांग्रेस

Fri, 01 Jun 2018 07:45 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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राहुल गांधी
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देशभर में चार लोकसभा और 10 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा को करारी हार का सामना पड़ा है। भाजपा को मिली ये हार इस साल होने वाले तीन राज्यों के चुनावों में मुश्किल खड़ी कर सकती हैं। 

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कांग्रेस भी कर्नाटक में भाजपा का विजयी रथ रोकने के बाद अब मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में होने वाले चुनावों के लिए कमर कस चुकी है। पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी 6 जून को मंदसौर गोलीकांड की पहली बरसी पर किसानों के बीच होंगे। वह पिछले साल भी इस घटना के बाद यहां पहुंचे थे। 

बता दें कि गुरुवार को आए नतीजों में जिन सीटों के परिणाम का बेसब्री से इंतजार था वह थीं उत्तर प्रदेश की कैराना लोकसभा और नुरपूर विधानसभा सीट। यहां भाजपा को करारी हार मिली है। भाजपा की हार के बाद समाजवाद पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि हमने विपक्ष को उसी के तरीके से मात दी है।
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दरअसल भाजपा ने इन दोनों सीटों पर चुनाव से पहले अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में जिन्ना तस्वीर विवाद को जिस तरह उछाला। लेकिन विपक्ष ने गन्ना किसानों की समस्याओं का डंका बजाकर जिन्ना पर गन्ना को विजयी बनाया। कैराना की जीत पर रालोद नेता जयंत चौधरी ने कहा कि जिन्ना पर गन्ना की जीत हुई है। अभी एक साल है, भाजपा को आत्म विश्लेषण करना चाहिए।

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गोलीकांड की पहली बरसी पर मंदसौर पहुंचेंगे राहुल गांधी

बता दें कि 6 जून को मंदसौर गोलीकांड की पहली बरसी है। कांग्रेस ने इस मौके पर राहुल गांधी की सभा आयोजित की है। राहुल ने पिछले साल गोलीकांड के बाद भी मंदसौर पहुंचने की कोशिश की थी, पर कामयाब नहीं हो सके थे। लेकिन इस बार पार्टी ने बड़ा शो करने की तैयारी की है। उसे लग रहा है कि सूबे की सत्ता हासिल करने का रास्ता मंदसौर से होकर जाता है और किसानों का गुस्सा उसकी मुराद पूरी करने में अहम भूमिका निभा सकता है। लेकिन सत्तारूढ़ भाजपा नहीं चाहती कि कांग्रेस को किसानों की कथित नाराजगी का चुनावी लाभ हो। 

इसलिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दो दिन पहले ही मंदसौर पहुंचकर किसानों से कहा, कांग्रेस खूनखराबा फैलाना चाहती है। मध्य प्रदेश शांति का टापू है, इसे बचा लो। कांग्रेस के इरादे को पहचानो। बहकावे में मत आओ। शिवराज का साथ दो। कहा कि मैंने किसानों की योजनाओं पर अब तक 20 हजार करोड़ रुपये खर्च किए हैं। आगे नुकसान हो तो चिंता न करना, मामा अभी जिंदा है।

पिछले साल मंदसौर गोलीकांड में छह किसानों की जान गई थी। सरकार ने इसकी जांच के लिए आयोग बैठाया, पर तीन बार कार्यकाल बढ़ाने के बावजूद अब तक रिपोर्ट का इंतजार है। 11 मई को कार्यकाल की अवधि बीत चुकी है। किसानों में इस बात का भी गुस्सा है कि एक साल होने को आया पर अब तक किसी की जिम्मेदारी तय नहीं हुई है। जाहिर है, कांग्रेस इसे भी मुद्दा बना रही है। 

कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ कहते हैं कि भाजपा सरकार किसानों के साथ दुश्मनों जैसा बर्ताव कर रही है। वे अपना हक मांगते हैं तो उन्हें गोली दी जाती है। बुजुर्ग और भोले भाले किसानों का बांड भरवाकर सरकार खुद किसानों को भड़का रही है। अगर आंदोलन के दौरान कोई अप्रिय स्थिति बनती है तो इसके लिए शिवराज जिम्मेदार होंगे। 
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