देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस में अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर गहमागहमी बढ़ती जा रही है। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे, शशि थरूर और केएन त्रिपाठी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भर चुके हैं। अभी तक यह मुकाबला त्रिकोणीय बना हुआ है, लेकिन असली लड़ाई खरगे और थरूर के बीच ही मानी जा रही है।
इस बीच खरगे को चुनौती देने वाले पार्टी के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने कहा है कि अगर कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी की कार्यशैली में बदलाव लाना चाहते हैं तो वे मुझे वोट दें। उन्होंने कहा, अभी सारे निर्णय दिल्ली में हो रहे हैं। मैं इसे बदलना चाहता हूं। जब तक ग्राउंड रूट लेवल पर कार्यकर्ता को ताकत नहीं मिलेगी, तब तक बदलाव नहीं होगा।
अध्यक्ष का चुनाव कोई जंग नहीं
खरगे के सवाल पर थरूर ने कहा, यह जंग नहीं है। युद्ध नहीं है। हम पुराने सहयोगी हैं। लोकसभा में हमने एक साथ काम किया है। चुनाव के बाद में भी हम एक साथ का करेंगे। उन्होंने कहा, हम भले ही चुनाव लड़ रहे हाें, लेकिन कांग्रेस पार्टी का जनता के लिए जो संदेश है, पार्टी की जो विचारधारा है उसमें कोई बदलाव नहीं होगा। हमारे काम करने के तरीके में जरूर बदलाव होगा। उन्होंने कहा, अध्यक्ष कौन बनेगा, यह कार्यकर्ताओं को ही तय करने दें। अगर सबको लगता है कि पार्टी सही तरीके से काम कर रही है तो खरगे साहब को ही वोट दें।
कांग्रेस की तरह किसी दल में आंतरिक लोकतंत्र नहीं
थरूर ने कहा, कांग्रेस जो आंतरिक लोकतंत्र दिखा रही है वह किसी अन्य दल में मौजूद नहीं है। जब चुनाव की घोषणा हुई, तो मेरा इरादा लड़ने का था। मैंने एक लेख लिखा, जिसमें कहा गया था कि चुनाव पार्टी के लिए अच्छा है और इसके कारणों का उल्लेख किया है।
खरगे के प्रस्तावकों में बड़े-बड़े नाम
बात दें, खरगे ने अपने नामांकन पत्र के साथ 14 पन्नों में प्रस्तावकों की सूची सौंपी है। उनके प्रस्तावकों में अशोक गहलोत, दिग्विजय सिंह, प्रमोद तिवारी, मनीष तिवारी, आनंद शर्मा, पीएम पुनिया जैसे बड़े नाम शामिल हैं। कुल 30 दिग्गज नेताओं ने उनका समर्थन किया है।