कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव के करीब आते ही इसे लेकर सरगर्मी व मंथन तेज हो गया है। इस बीच पार्टी महासचिव व वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने बड़ी बात कही है। रमेश ने कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव की बजाए ‘सर्वसम्मति‘ की दुहाई दी है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के संगठनात्मक मामलों को लेकर उभरने वाली किसी भी हालत में नेहरू-गांधी परिवार की प्रमुखता कायम रहनी चाहिए।
कांग्रेस के संचार, प्रचार और मीडिया प्रभारी जयराम रमेश का यह बयान अहम है, क्योंकि हाल ही में शशि थरूर समेत कुछ नेताओं द्वारा अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने की बात सामने आई थी। कांग्रेस के कुछ सांसदों ने कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री को पत्र लिखकर संभावित प्रत्याशियों को मतदाता सूचियां मुहैया कराने की मांग की थी।
जयराम रमेश ने कहा कि भले ही 17 अक्तूबर को अध्यक्ष पद के चुनाव में किसी और को पार्टी का प्रमुख चुन लिया जाए, लेकिन मौजूदा अध्यक्ष सोनिया गांधी एक ऐसी व्यक्ति बनी रहेंगी जिनकी ओर हर कोई देखता है। रमेश ने यह भी कहा कि राहुल गांधी सबसे पुरानी पार्टी की ‘वैचारिक धुरी‘ (ideological compass) बने रहेंगे।
राहुल ‘बैक सीट ड्राइविंग‘ नहीं करेंगे
पीटीआई को दिए इंटरव्यू में जयराम रमेश ने इस सुझाव को भी खारिज कर दिया कि वायनाड के सांसद राहुल गांधी किसी और के कांग्रेस अध्यक्ष बनने की सूरत में ‘बैक सीट ड्राइविंग‘ यानी पर्दे के पीछे से पार्टी चलाएंगे। उन्होंने कहा कि राहुल बहुत ही मिलनसार और लोकतांत्रिक नेता हैं।
बिना हाईकमान होगी अराजकता
वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश ने कांग्रेस नेताओं की एक धड़े की इस दलील को खारिज किया कि हाईकमान संस्कृति खत्म होना चाहिए। रमेश ने इस पर कहा कि बिना ‘हाईकमान वाली पार्टी में अराजकता होगी। उन्होंने कांग्रेस के नए अध्यक्ष का चुनाव सर्वसम्मति से करने की पैरवी की और कहा कि कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे के. कामराज के विचार का जिक्र किया। उनके अनुसार पार्टी का नेतृत्व करने के लिए सभी से बात करें और एक उपयुक्त सर्वसम्मति विकल्प खोजें।
जयराम रमेश ने कहा, ‘कांग्रेस के इतिहास में आमतौर पर आम सहमति या सर्वसम्मति से अध्यक्ष का चयन किया गया है, लेकिन 1938, 1950, 1997 और 2000 में चुनाव हुए थे। हालांकि मैं व्यापक सहमति से चुनाव के पक्ष में हूं। मुझे कामराज का दृष्टिकोण पसंद है। मैं इस मामले में कामराज स्कूल से ताल्लुक रखता हूं।‘
सहमति न हो तो चुनाव हों, थरूर पर कही यह बात
राहुल गांधी के नेतृत्व वाली भारत जोड़ो यात्रा केरल के कोल्लम जिले के पास पहुंच गई है। रमेश उसमें शामिल हैं। लोकसभा सांसद शशि थरूर सहित पार्टी नेताओं के एक वर्ग के तर्क के बारे में पूछे जाने पर कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए लोकतांत्रिक मुकाबला कांग्रेस को पुनर्जीवित करेगा। रमेश ने कहा कि अगर आम सहमति संभव नहीं है तो चुनाव होना चाहिए। उन्होंने कहा कि थरूर का चुनाव लड़ने के लिए स्वागत है।
कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव की अधिसूचना 22 सितंबर को जारी की जाएगी। नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 24 सितंबर से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलेगी। एक से ज्यादा उम्मीदवार होने पर 17 अक्तूबर चुनाव होगा। नतीजों की घोषणा 19 अक्तूबर को होगी।