कांग्रेस नेता मोहम्मद आरिफ 'नसीम' खान के इस्तीफे पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि गलतफहमी के कारण उन्होंने किसी भी मुस्लिम को उम्मीदवार नहीं बनाने पर नाराजगी व्यक्त की थी। असम की राजधानी गुवाहाटी में एक संवादाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए खरगे ने कहा कि राज्य में विधानसभा चुनाव और राज्यसभा चुनाव भी होने वाले हैं, उस वक्त उनकी बात पर ध्यान दिया जाएगा। हालांकि, उन्होंने इस दौरान किसी नेता का नाम नहीं लिया। महाराष्ट्र में कांग्रेस महाविकास अघाड़ी में शामिल है, जिसमें दो और भी राजनीतिक दल शामिल हैं। सभी फैसले आपसी सामंजस्य से लिया गया है। इसलिए यह कहना गलता है कि पार्टी ने किसी मुस्लिम को उम्मीदवार नहीं बनाया है।
वर्षा गायकवाड़ ने भी की मुलाकात
मुंबई कांग्रेस प्रमुख वर्षा गायकवाड़ ने शनिवार को खान से मुलाकात की। खान और गायकवाड़ के बीच 25 मिनट तक चर्चा हुई। खान ने कहा कि वह पार्टी के लिए प्रचार नहीं करने के अपने फैसले पर कायम हैं। उन्होंने कहा कि गायकवाड़ मेरी छोटी बहन हैं और कभी भी मुझसे मिल सकती हैं। मैं अपने रुख पर कायम हूं। न केवल महाराष्ट्र में, बल्कि राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गुजरात में भी कोई (कांग्रेस) मुस्लिम उम्मीदवार नहीं है। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो खान खुद मुंबई उत्तर मध्य लोकसभा सीट से चुनाव लड़ना चाह रहे थे लेकिन पार्टी ने गायकवाड़ को टिकट दे दिया।
कांग्रेस विधायक अमीन पटेल ने भी मामले में की टिप्पणी
एआईएमआईएम नेता भी समर्थन में आए
मामले में एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने कहा कि इंडी गठबंधन ने महाराष्ट्र की 48 में से एक भी लोकसभा सीट पर मुस्लिम को टिकट नहीं दिया। राज्य में 48 सीटें हैं। कम से कम तीन सीटें तो मुस्लिमों को दी जानी चाहिए थी। आपको 90 प्रतिशत मुस्लिम वोट चाहिए लेकिन उनके राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए कुछ नहीं करना चाहते।
यह है पूरा मामला
एक दिन पहले, खान ने मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर कहा था कि वे लोकसभा चुनाव में प्रचार नहीं करेंगे। क्योंकि महा विकास अघाड़ी गुट ने एक भी मुस्लिम उम्मीदवार को नहीं उतारा है। उन्होंने मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर अपनी नाराजगी व्यक्त की। पत्र में उन्होंने लिखा कि प्रदेशभर में कई मुस्लिम संगठन, नेता और पार्टी कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि कांग्रेस अल्पसंख्यक समुदाय से कम से कम एक उम्मीदवार को टिकट तो जरूर देगी। लेकिन एक को भी टिकट नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी लिखा कि जब कांग्रेस मुस्लिम से वोट चाहती है, तो मुस्लिम उम्मीदवार क्यों नहीं उतार रही।