महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि मुंबई का अगला मेयर भारतीय, महाराष्ट्रीयन और मुंबईकर होगा। उन्होंने भाषा-आधारित ध्रुवीकरण को खारिज करते हुए विकास पर फोकस की मांग की। कांग्रेस ने नागपुर का घोषणापत्र जारी किया, नोटा को प्रभावी बनाने और निर्विरोध जीत पर पुनर्मतदान की मांग दोहराई।
महाराष्ट्र की सियासत में नगर निकाय चुनावों से पहले ध्रुवीकरण पर बहस तेज हो गई है। इसी बीच महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने साफ कहा कि मुंबई का अगला मेयर भारतीय, महाराष्ट्रीयन और मुंबईकर होगा। उनका यह बयान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की हिंदू-मराठी मेयर संबंधी टिप्पणी पर परोक्ष लेकिन तीखा जवाब माना जा रहा है। कांग्रेस ने विकास को केंद्र में रखने की बात दोहराई है।
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नागपुर में कांग्रेस नेताओं के साथ पार्टी का नगर निगम चुनाव घोषणापत्र जारी करते हुए सपकाल ने कहा कि भाषा और पहचान के नाम पर मेयर पद को बांटने की कोशिशें देश की विविधता में एकता की भावना को कमजोर करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास की चर्चा से ध्यान हटाने के लिए ऐसे नारे उछाले जा रहे हैं। सपकाल ने कहा कि कांग्रेस का रुख साफ है। मुंबई का मेयर किसी एक भाषा का नहीं, बल्कि पूरे शहर और देश का प्रतिनिधि होगा।
'स्मार्ट सिटी' पर क्या बोले सपकाल?
सपकाल ने कहा कि ध्रुवीकरण की होड़ में असली मुद्दे पीछे छूट रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि 100 स्मार्ट सिटी का वादा आखिर कहां गया। उनके मुताबिक, नगर निकाय चुनावों में शहरों की सफाई, बुनियादी सुविधाएं, रोजगार और नागरिक सेवाओं पर बहस होनी चाहिए। कांग्रेस के नागपुर घोषणापत्र में क्लीन और स्मार्ट नागपुर का विजन रखते हुए 100 पार्षद जीतने का लक्ष्य रखा गया है।
बिना मुकाबले जीत पर आपत्ति
कांग्रेस ने राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर उन वार्डों में पुनर्मतदान की मांग दोहराई, जहां महायुति के उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। साथ ही नोटा विकल्प को प्रभावी बनाने की मांग भी रखी गई। सपकाल ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में मुकाबला और विकल्प जरूरी हैं, तभी जनादेश का सही प्रतिबिंब मिलता है।
विलासराव देशमुख पर बयान से बढ़ी तकरार
महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए सपकाल ने दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख के योगदान को अद्वितीय बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा न केवल उनकी विरासत को कमतर आंकना चाहती है, बल्कि असंस्कृत राजनीति को बढ़ावा दे रही है। सपकाल ने भरोसा जताया कि हालिया नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में प्रदर्शन के आधार पर कांग्रेस नागपुर में फिर मेयर बनाएगी।