कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ड्रीम प्रोजेक्ट संगठन सृजन अभियान इन दिनों कई राज्यों में चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत 2028 के विधानसभा चुनाव वाले राज्यों के संगठन को दुरुस्त करने का काम शुरू हो चुका है। नवंबर के पहले सप्ताह में राजस्थान, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के सभी जिलाध्यक्ष बदल जाने की योजना तैयार की गई है। इसमें सबसे अहम यह है कि इन राज्यों के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति में प्रदेश अध्यक्ष और विधायक दल के नेता की भूमिका नगण्य कर दी गई है।
2026 तक पूरी करना है प्रक्रिया
कांग्रेस पार्टी में ब्लॉक और मंडल स्तर पर भी नई नियुक्तियां और प्रशिक्षण का कार्यक्रम चलाया जा रहा है कांग्रेस की योजना है कि 2026 की शुरुआत तक सभी राज्यों में यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाए और प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थायी समर्थन व मॉनिटरिंग ढांचे में बदला जाए। कांग्रेस पार्टी का कहना है कि, इस अभियान से पार्टी की गुटबाजी खत्म हो रही है। समाज के वंचित वर्गों और युवाओं को बड़ा अवसर मिल रहा है। संगठन सृजन अभियान के तहत नए जिलाध्यक्षों और शहर अध्यक्षों में युवा, ओबीसी , एससी, एसटी, अल्पसंख्यक और महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाया गया है। ओबीसी श्रेणी में प्रतिनिधित्व 24 प्रतिशत से बढ़कर 33 प्रतिशत, एससी श्रेणी में 4 प्रतिशत से 12 प्रतिशत, एसटी श्रेणी में 6 प्रतिशत से 12 प्रतिशत और अल्पसंख्यक श्रेणी में प्रतिशत से 9 प्रतिशत हो गया है। युवाओं की हिस्सेदारी भी बढ़ी है 50 साल से कम उम्र के अध्यक्ष अब 51 फीसदी तक पहुंच चुके हैं।
अमर उजाला से चर्चा में कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनुरोध ललित जैन का कहना है कि, पार्टी ने इस साल की शुरुआत में गुजरात से संगठन सृजन अभियान का आगाज किया है। कांग्रेस पार्टी जिला अध्यक्षों को पहले से अधिक ताकत देने जा रही है। इस संगठन सृजन अभियान से नई ऊर्जा, युवा नेतृत्व और वंचित वर्गों की हिस्सेदारी बढ़ने से संगठन की पकड़ मजबूत होगी। इससे आगामी चुनावी मुकाबलों में पार्टी को निर्णायक बढ़त मिल सकती है।
दरअसल,कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी की पहल पर 2025 को संगठन निर्माण वर्ष घोषित किया गया है। अभियान का मकसद जिला कांग्रेस कमेटियों से लेकर बूथ स्तर तक पार्टी को सक्रिय करना और संगठन को जवाबदेही के नए पैमाने पर खड़ा करना है। गुजरात, मध्य प्रदेश और हरियाणा जैसे तीनों राज्यों में यह प्रक्रिया हो चुकी है। गुजरात के 41, मध्य प्रदेश के 71 और हरियाणा के 32 जिलों में नए जिलाध्यक्षों और शहर अध्यक्षों की नियुक्ति हो चुकी है। इन नेताओं के लिए दो चरणों में प्रशिक्षण शिविर लगाए गए, जिनमें कांग्रेस विचारधारा, बूथ प्रबंधन, डिजिटल टूल्स, फंड रेजिंग और जनता से जुड़ाव पर विशेष सत्र हुए है। पार्टी ने संगठन सृजन अभियान का निर्णय दिसंबर 2024 में कर्नाटक में आयोजित कांग्रेस अधिवेशन में लिया गया था।