केरल में कांग्रेस पार्टी ने एक नई शुरुआत के तहत 50 ट्रांसजेंडर्स को प्राथमिक सदस्यता देने की बात करते हुए बुधवार को इस समुदाय के लिए अलग स्पेशल सेल की शुरुआत की। इसके बाद पार्टी नेताओं ने कहा कि यह पहल किसी भी राजनीतिक संगठन में अपनी तरह का पहला अभियान है और इसमें आलाकमान का आशीर्वाद है।
पीसीसी के उपाध्यक्ष केपी अनिल कुमार ने कहा कि उन 50 लोगों को तिरुवनंतपुरम में पार्टी मुख्यालय में राज्य कांग्रेस प्रमुख मुल्लापल्ली रामचंद्रन द्वारा सदस्यता दी जाएगी।
कांग्रेस नेता ने कहा ट्रांसजेंडर समुदाय द्वारा यह पहल हुई, जिसके बाद पार्टी ने उनकी लंबे समय से लंबित मांग का सम्मान करने का फैसला किया। उन्होंने कहा, 'यहां कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए लेकिन अधिकांश केवल कागजों पर ही बने हुए हैं। वे अभी भी हाशिए पर हैं और कोई भी पार्टी उनकी समस्याओं और शिकायतों का समाधान करने के लिए नहीं है। हमें उम्मीद है कि आगामी एसोसिएशन उनके दिक्कतों को कम करने में मदद करेगी।
पार्टी के अनुसार सदस्यता समारोह में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी और राज्य विधानसभा में वर्तमान विपक्षी नेता रमेश चेन्निथला भी शामिल होंगे।
वहीं सामुदाय के एक सदस्य पी रंजीनी ने इस बारे में कहा, 'हमारे समुदाय के अधिकांश सदस्य अक्सर कम्युनिस्ट पार्टियों के साथ पहचाने जाते हैं। कई बार कांग्रेस की विचारधारा को मानने वाले लोग भी उस शिविर में जाने को मजबूर हो जाते हैं। हम काफी समय से कांग्रेस नेताओं को इसके बारे में बता रहे थे। हम काफी खुश हैं कि आखिरकार पार्टी ने हमें मौका दिया है।'
उन्होंने कहा कि एसोसिएशन बनाने के बाद, वे समुदाय की कुछ समस्याओं को दूर करने में मदद करने के लिए एक मजबूत मुकाम हासिल करेंगे।
गौरतलब है कि केरल 2015 में ट्रांसजेंडर नीति तैयार करने वाला पहला राज्य था जिसका उद्देश्य समुदाय के सदस्यों के खिलाफ भेदभाव को समाप्त करना और उन्हें मुख्यधारा में लाना था। 2017 में, इसने अपनी शिकायतों से निपटने के लिए एक ट्रांसजेंडर न्याय बोर्ड का गठन किया और राज्य में जन्म और मृत्यु पंजीकरण फॉर्म में "तीसरा लिंग" नामक एक अलग कॉलम पेश किया गया।