कांग्रेस नेता पी चिदंबरम (फाइल फोटो)
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कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, सरकार की तीन बड़ी गलतियों नोटबंदी, त्रुटिपूर्ण जीएसटी और बैंकिंग क्षेत्र पर दबाव की वजह से अर्थव्यवस्था पटरी से उतर गई है। देश इस समय आर्थिक वृद्धि के मोर्चे पर ‘उदासीन’ वर्ष की ओर बढ़ रहा है।
पूर्व वित्त मंत्री ने बुधवार को श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, हम लड़खड़ाते हुए आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन अगर खाड़ी देशों में कोई समस्या होती है या अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वार छिड़ जाता है तो क्या हमारे पास उसके लिए कोई प्लान बी है? सरकार ने खुद ही 10 फीसदी नोमिनल ग्रोथ हासिल करने का ‘निराशावादी’ लक्ष्य तय किया है, जबकि पांच फीसदी की वास्तविक वृद्धि अच्छी होती है। पिछली छह तिमाही में वृद्धि दर गिरी है। अगर सातवीं तिमाही में इसमें गिरावट दर्ज की जाती है तो समझा जा सकता है कि यह आगे भी जारी रहेगी। पूर्व वित्त मंत्री ने कहा, विपक्ष आर्थिक सुस्ती के कारण गिना रहा है, जबकि सरकार को स्पष्टीकरण देना चाहिए था।
चिदंबरम ने कहा, खनन, विनिर्माण, बिजली, कोयला, कच्चा तेल और गैस सभी क्षेत्रों का प्रदर्शन काफी खराब है। सरकार ने मांग में सुधार के लिए कंपनी टैक्स में कटौती की है। ऐसा करने की जगह अगर सरकार जीएसटी के मोर्चे पर राहत दी जाती तो लाखों लोगों के हाथ में अधिक पैसा रहता, जिससे निवेश बढ़ता।
तेजी लाने का मौका गंवाया
लोगों के हाथ में अधिक पैसा पहुंचाने का एक अन्य विकल्प मनरेगा और प्रधानमंत्री किसान योजना में और पैसा डालना हो सकता है। लेकिन दुर्भाग्य से सरकार ने अगले वित्त वर्ष के लिए बजट में ऐसी योजनाओं के बजट में कटौती की है। चिदंबरम ने कहा कि सरकार ने अर्थव्यवस्था में तेजी लाने का एक बड़ा मौका गंवा दिया है।