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BJP Vs Congress: लोकसभा में पेश किए गए बिल पर विपक्ष का हंगामा, भाजपा बोली- भ्रष्टाचारियों के साथ खड़ा विपक्ष

Wed, 20 Aug 2025 07:19 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

लोकसभा में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों को गंभीर आरोप में 30 दिन की गिरफ्तारी पर पद से हटाने वाले बिलों पर जोरदार हंगामा हुआ। विपक्ष ने इसका विरोध किया और गृह मंत्री अमित शाह पर फाड़े कागज फेंके। भाजपा ने इसे भ्रष्टाचार का समर्थन बताया। इसी दौरान धर्मेंद्र प्रधान और अनुराग ठाकुर ने विपक्ष को कठघरे में खड़ा किया।
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लोकसभा में विपक्ष का हंगामा - फोटो : ANI
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विस्तार
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लोकसभा में बुधवार को जोरदार हंगामा उस समय हुआ जब विपक्षी सांसदों ने तीन अहम बिलों का विरोध किया। इन बिलों में प्रावधान है कि अगर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या कोई मंत्री गंभीर आरोपों में 30 दिन तक गिरफ्तार रहता है तो उसे पद से हटाया जा सके। भाजपा ने विपक्ष के इस विरोध को भ्रष्टाचार और भ्रष्ट नेताओं के समर्थन की राजनीति बताया।
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भाजपा सांसदों ने विपक्षी सांसदों पर आरोप लगाया कि उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह पर फाड़े हुए कागज फेंके। इसे भाजपा नेताओं ने "शर्मनाक और अलोकतांत्रिक" बताया और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से कड़ी कार्रवाई की मांग की। भाजपा नेताओं ने कहा कि संसद में इस तरह का व्यवहार लोकतंत्र का अपमान है और इससे गलत संदेश जाता है।

भाजपा ने बताया कानून क्यों जरूरी?
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि विपक्ष जिन बिलों का विरोध कर रहा है, वे मौजूदा हालात में बेहद जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि हाल के समय में कई ऐसे उदाहरण सामने आए जब गिरफ्तार होने के बावजूद संवैधानिक पदों पर बैठे लोग इस्तीफा नहीं देते। प्रधान ने सवाल किया कि क्या संविधान कहता है कि जेल से सरकार और मंत्रालय चलाए जाएं? उन्होंने कहा कि यह कानून पारदर्शिता बढ़ाने और राजनीतिक नैतिकता कायम रखने के लिए लाया गया है।
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भाजपा नेताओं का विपक्ष पर सीधा हमला
भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने विपक्षी हंगामे को भ्रष्टाचार के समर्थन से जोड़ते हुए कहा कि विपक्ष असल में भ्रष्टाचारियों को बचाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा, सवाल यह है कि विपक्ष भ्रष्टाचार के खिलाफ है या उसके साथ? भाजपा-एनडीए साफ राजनीति चाहता है, जबकि विपक्ष भ्रष्टाचारियों के साथ खड़ा है। लोक जनशक्ति पार्टी के नेता और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी इस बिल का समर्थन किया और कहा कि यह भ्रष्टाचार खत्म करने की दिशा में अहम कदम है।

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विपक्ष का हंगामा और भाजपा की प्रतिक्रिया
सांसद जगदंबिका पाल ने विपक्ष के हंगामे को लोकतंत्र पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के सांसद वेल में आ गए और गृह मंत्री के करीब जाकर नारेबाज़ी की। उन्होंने चेतावनी दी कि इस दौरान कोई अप्रिय घटना भी हो सकती थी। भाजपा नेताओं ने इसे लोकतंत्र का काला दिन बताते हुए कहा कि विपक्ष का यह व्यवहार संसद की गरिमा के खिलाफ है और इस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
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समर्थन भी मिला, विरोध भी जारी
इन तीन बिलों को लेकर विपक्ष भले ही आक्रामक हो, लेकिन भाजपा और उसके सहयोगियों का कहना है कि यह कदम राजनीति को स्वच्छ करने और व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए जरूरी है। वहीं, विपक्ष लगातार कह रहा है कि सरकार इन कानूनों के जरिए लोकतंत्र और विपक्ष को कमजोर करना चाहती है। हालांकि, आंध्र प्रदेश की टीडीपी जैसे कुछ दलों ने बिलों को संसदीय संयुक्त समिति के पास भेजे जाने का समर्थन किया है।

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