चीन और पाकिस्तान ने एक संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को लेकर गलत और भ्रामक टिप्पणियां की थीं। भारत ने इन टिप्पणियों को सिरे से खारिज कर दिया था। वहीं, अब कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भी भारत के रुख को दोहराया है। उन्होंने कहा कि पीओके को भी भारत का हिस्सा होना चाहिए।
भारत ने चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर को लेकर की गई अनुचित टिप्पणियों पर सख्त रुख अपनाते हुए सिरे से खारिज कर दिया है। इस बीच विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने बुधवार को भारत के इस दृढ़ रुख को दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख देश का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा हैं।
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कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का हर इंच भारत का है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर कोई विवाद है, तो वह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को लेकर है। वह हिस्सा हमें वापस मिलना चाहिए और भारत के नक्शे का हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यही अखंड भारत का सपना है।
अनुच्छेद 370 का जिक्र कर भाजपा ने MEA के रुख का किया समर्थन
विदेश मंत्रालय (एमईए) के बयानों का समर्थन करते हुए बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि यह सही कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह द्वारा अनुच्छेद 370 को स्थायी रूप से समाप्त कर दिया गया है।
वहीं, उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा, ''अगर कोई विदेशी देश भारत के खिलाफ आक्रामक रवैया अपनाने या कार्रवाई करने की कोशिश करता है, तो हमारी सेनाएं उसे मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।''
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख पर टिप्पणी का किसी को अधिकार नहीं : भारत
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा, "भारत चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश को लेकर की गई अनुचित टिप्पणियों को स्पष्ट रूप से खारिज करता है।"
उन्होंने कहा, "भारत का रुख लगातार एक जैसा और संबंधित पक्षों को अच्छी तरह ज्ञात है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से थे, हैं और हमेशा रहेंगे। इस पर टिप्पणी करने का अधिकार किसी अन्य देश को नहीं है।"