कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस माह दूसरी बार अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड में राहत शिविरों का दौरा किया। राहुल गांधी मंगलवार को वायनाड के निर्वाचन क्षेत्र के कांजीरंगड गांव में एक चाय की दुकान पर लोगों का हाल जानने के लिए पहुंचे जहां वो चाय पीते नजर आए। राहुल के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल भी मौजूद थे।
इस क्षेत्र में वर्षा एवं भूस्खलन के कारण बड़े स्तर पर तबाही हुई है। चार दिनों के दौरे पर यहां आए गांधी ने चुनगाम और वलाड के शिविरों में लोगों को राहत सामग्री वितरित की और उनकी परेशानियों को सुना। कुछ लोगों ने कहा कि उनके मकान नष्ट हो गए और जमीन पानी में डूब गई जबकि कुछ अन्य लोगों ने शिकायत की कि राज्य सरकार द्वारा भेजी गई 10 हजार रुपये की प्रारंभिक राहत राशि उन तक नहीं पहुंची है। उन्होंने केंद्र पर पक्षपात का आरोप लगाया।
गांधी ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह राज्य सरकार से फिर अनुरोध करेंगे कि प्रभावित परिवारों तक सभी आवश्यक सहायता पहुंचाई जाए। इसी दौरान एक महिला ने रोते हुए बताया कि राहत शिविर से वापस जाने पर उसके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं है। लोगों ने उन्हें यह भी बताया कि शिविर से जाने के बाद उनके बच्चों के लिए स्कूल जाना मुश्किल है क्योंकि आपदा के कारण उन्होंने अन्य सामान के साथ साथ बच्चों की किताबें, बस्ते भी गंवा दिए हैं।
अखिल भारतीय कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल लोगों की बातों का अनुवाद कर गांधी को सुना रहे थे। जींस और सफेद टीशर्ट पहने गांधी का लोगों नारे लगाकर स्वागत किया। कन्नूर हवाई अड्डे पर पहुंचे गांधी बुधवार को मनाथवाडी, सुल्थान बाथेरी और कालपेट्टा में लोगों से मिलेंगे और राहत शिविरों में जाएंगे।