एंटनी ने कहा कि यूपीए सरकार की डील के अनुसार 126 में से 18 एयरक्राफ्ट ही फ्रांस में बनने थे बाकी सभी एचएएल को भारत में बनाना था। फिर सरकार इस डील के दाम क्यों नहीं बता रही है।
वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार को संसद के अंदर इस मामले पर सफाई देनी चाहिए। शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा कि पीएम ने कैबिनेट की सुरक्षा समिति से सलाह लिए बिना ही पूरी राफेल डील बदल दी है।
प्रधानमंत्री को फ्रांस से लौटने के बाद इस डील के बारे में बताना चाहिए था। फ्रांस सरकार ने इस डील के दौरान सुरक्षा की सूचनाओं, रक्षा और इसके ऑपरेशन पर बात की है। इसमें पैसे की बात कहीं भी नहीं है। आनंद ने यह भी कहा कि पैसे कॉन्फीडेंशियल डील के दायरे में नहीं आता है।
आनंद शर्मा ने आरोप लगाया कि फ्रांस ने ऐसे ही एयरक्राफ्ट मिस्र और कतर को कम दाम में बेचे हैं, तो फिर भारत के समय पर दाम अधिक कैसे हो गए। उन्होंने कहा कि नवंबर, 2016 में रक्षामंत्री ने एयरक्राफ्ट के दाम बताए थे फिर अब क्यों नहीं बताया जा रहा है।