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राफेल पर तलवारें खिंची: पीएम- रक्षामंत्री के खिलाफ कांग्रेस लाएगी विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव

Mon, 23 Jul 2018 02:40 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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फाइल फोटो
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राफेल डील पर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर आमने सामने आ गई हैं। पिछले दिनों लोकसभा में मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के दौरान राहुल गांधी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के बीच हुई जुबानी जंग को देशभर ने टीवी पर देखा और सुना था।
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अब इस मामले को कांग्रेस लोक सभा में अहम मुद्दा बनाने जा रही है और वह इसे  विशेषाधिकार हनन के रूप में उठाएगी। सोमवार को पूर्व रक्षामंत्री एके एंटनी और वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि राफेल मामले पर रक्षामंत्री ने संसद को गुमराह किया है। ये विशेषाधिकार का हनन है, कांग्रेस इसको लेकर लोकसभा में नोटिस भी देगी।

उन्होंने कहा कि 19, मार्च 2018 को राज्यसभा में सरकार की ओर से ये नहीं बताया गया कि यह गोपनीय डील है, जिसके तहत वो कीमत नहीं बता सकते। पीएम और रक्षामंत्री देश को गुमराह कर रहे हैं और इसलिए अगर जरूरी हुआ तो सदन में  विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव भी लाया जा सकता है। 
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पूर्व रक्षामंत्री एंटनी ने कहा कि  यूपीए के कार्यकाल में कई कंपनियों से बात के बाद दिसंबर, 2012 में राफेल डील को फाइनल किया गया था और तभी 126 एयरक्राफ्ट लेने की बात भी की गई थी। मोदी सरकार ने जिस कंपनी को ये डील दी है उसके पास ना ही सादे एयरक्राफ्ट बनाने का अनुभव है और ना ही लड़ाकू एयरक्राफ्ट का। यही वजह है कि एचएएल के भी कई इंजीनियरों को अपनी नौकरी भी  गंवानी पड़ी है।
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एंटनी ने कहा कि यूपीए सरकार की डील के अनुसार 126 में से 18 एयरक्राफ्ट ही फ्रांस में बनने थे बाकी सभी एचएएल को भारत में बनाना था। फिर सरकार इस डील के दाम क्यों नहीं बता रही है।  

वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार को संसद के अंदर इस मामले पर सफाई देनी चाहिए। शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा कि पीएम ने कैबिनेट की सुरक्षा समिति से सलाह लिए बिना ही पूरी राफेल डील बदल दी है।
प्रधानमंत्री को फ्रांस से लौटने के बाद इस डील के बारे में बताना चाहिए था। फ्रांस सरकार ने इस डील के दौरान सुरक्षा की सूचनाओं, रक्षा और इसके ऑपरेशन पर बात की है। इसमें पैसे की बात कहीं भी नहीं है। आनंद ने यह भी कहा कि पैसे कॉन्फीडेंशियल डील के दायरे में नहीं आता है। 

आनंद शर्मा ने आरोप लगाया कि फ्रांस ने ऐसे ही एयरक्राफ्ट मिस्र और कतर को कम दाम में बेचे हैं, तो फिर भारत के समय पर दाम अधिक कैसे हो गए। उन्होंने कहा कि नवंबर, 2016 में रक्षामंत्री ने एयरक्राफ्ट के दाम बताए थे फिर अब क्यों नहीं बताया जा रहा है।
 
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