हुडा ने स्पीकर के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। हुडा की इस नारेबाजी को लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने कांग्रेस विधायक को प्रश्नकाल की अवधि के लिए सदन से निलंबित कर दिया। इसके बाद भी जब हुडा सदन से बाहर नहीं गए तो मार्शलों ने उन्हें जबरन सदन से बाहर कर दिया।
असम विधानसभा में बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। यहां विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी के खिलाफ नारेबाजी करने को लेकर कांग्रेस विधायक नूरुल हुडा को कुछ समय के लिए निलंबित कर दिया गया। वहीं, निलबंन के बाद भी जब कांग्रेस विधायक हुडा बाहर नहीं निकले तो उन्हें मार्शलों द्वारा जबरन सदन से बाहर निकाला गया। जिसके बाद नाराजगी जताते हुए विपक्षी दल के सभी सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया।
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दरअसल, विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी ने हुडा से बार-बार लंबे बयान देने के बजाय सहकारी समितियों के चुनाव पर उनके प्राथमिक प्रश्न के संबंध में पूरक प्रश्न पूछने के लिए कहा था। इसके बावजूद हुड्डा ने अपने रूख में परिवर्तन नहीं किया।
जब हुड्डा ने अपने प्रश्न की प्रस्तावना के रूप में स्पष्टीकरण देना जारी रखा तो दैमारी एक और पूरक प्रश्न पूछने के लिए कांग्रेस विधायक कमलाख्या डे पुरकायस्थ के पास गए। पुरकायस्थ ने अध्यक्ष से हुडा को प्रश्न पूछने की अनुमति देने का आग्रह किया, लेकिन दैमारी ने उनकी अपील को स्वीकार नहीं किया।
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इससे नाराज होकर हुडा ने स्पीकर के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। हुडा की इस नारेबाजी को लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने कांग्रेस विधायक को प्रश्नकाल की अवधि के लिए सदन से निलंबित कर दिया।
इसके बाद भी जब हुडा सदन से बाहर नहीं गए तो मार्शलों ने उन्हें जबरन सदन से बाहर कर दिया। इसको लेकर कांग्रेस के सभी विधायकों ने वाकआउट किया।
हालांकि प्रश्नकाल के अंत में विधानसभा अध्यक्ष ने निलंबन रद्द कर दिया और हुडा सहित कांग्रेस के सभी विधायक दिन की शेष प्रक्रियाओं के लिए कार्यवाही में शामिल हुए।