कांग्रेस ने गुरुवार को सरकार पर आर्थिक मंदी की आड़ में कुछ पूंजीपतियों के हितों का फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया और दावा किया कि देश की अर्थव्यवस्था को कोरोनावायरस हुआ है लेकिन सरकार जुकाम की दवा दे रही है।
लोकसभा में वर्ष 2020-2021 के केंद्रीय बजट पर सामान्य चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने यह भी कहा कि सामाजिक तनाव और आर्थिक विकास एकसाथ नहीं चल सकते।
उन्होंने कहा कि सरकार संशोधित नागरिकता कानून (सीएए), राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) लाकर अर्थव्यवस्था को गति प्रदान नहीं कर सकती।
तिवारी ने कहा कि समस्या मांग से जुड़ी है, लेकिन सरकार आपूर्ति के माध्यम से समाधान कर रही है। उन्होंने दावा किया कि अर्थव्यवस्था को कोरोनावायरस हुआ है और सरकार उसे जुकाम दे रही है।
तिवारी ने कहा कि पिछले 45 वर्षों में बेरोजगारी उच्चतम स्तर पर है, निवेश टूट गया और विकास दर पांच फीसदी नीचे जा चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरी दुनिया में वैश्वीकरण का विरोध हो रहा है और ऐसे में नए आर्थिक ढांचे के बारे में विचार करना होगा।
तिवारी ने कहा कि सरकार के आंकड़ों पर प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं। ऐसे में हमें सरकार अपने आंकड़ों की विश्वसनीयता बढ़ानी होगी।