2002 बिलकिस बानो सामूहिक दुष्कर्म मामले के 11 दोषियों की समयपूर्व रिहाई भी गुजरात विधानसभा चुनाव में एक मुद्दा बन गया है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे को अपने घोषणापत्र में जिक्र किया है और पीड़ितों को न्याय दिलाने का संकल्प जताया है।
चुनावी पर्यवेक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के एक धड़े का कहना है कि 20 साल पुराने मामले और इस पर हालिया घटनाक्रम को मुद्दा बनाने से कांग्रेस को फायदा होगा, जबकि अन्य का मानना है कि इस मुद्दे का एक और पांच दिसंबर को होने वाले मतदान पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कुछ दिन पहले ही अपना घोषणापत्र जारी करने वाली कांग्रेस ने वादा किया है कि वह बिलकिस मामले के दोषियों को गुजरात सरकार की ओर से जल्द रिहा करने के फैसले को रद्द करेगी।
लिमखेड़ा सीट पर है भाजपा का कब्जा
बिलकिस बानो आदिवासी बहुल दाहोद जिले के रंधिकपुर गांव की रहने वाली थीं। बिलकिस का गांव लिमखेड़ा विधानसभा सीट के तहत आता है। इस पर अभी भाजपा का कब्जा है। सामाजिक कार्यकर्ता कलीम सिद्दिकी ने कहा, बिलकिस का मुद्दा उठाने से मुस्लिम मतदाता कांग्रेस के पक्ष में एकजुट होंगे और वे आम आदमी पार्टी या एआईएमआईएम का समर्थन करने से बचेंगे।