मंत्रिमंडल में गोविंद सिंह (67), बृजेंद्र सिंह (60), पीसी शर्मा (69), सज्जन सिंह (66) और हुकुम सिंह (62) को जगह दी गई है तो वहीं तरुण भनौट (47), सुरेंद्र बघेल (41), उमंग सिंगार (44), जीतू पटवारी (45), ओमकार सिंह (42), प्रियव्रत (40) और जयवर्धन सिंह (32) जैसे युवा नेताओं को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। पार्टी ने राजपूत, यादव, ब्राह्मण के अलावा दो महिलाओं और एक मुस्लिम विधायक को भी मंत्री बनाया है।
छत्तीसगढ़ में भी संतुलित मंत्रिमंडल का गठन किया गया है। इसमें रविंद्र चौबे ब्राह्मण, प्रेमसाय टेकाम सरगुजा, मोहम्मद अकबर मुस्लिम, कवासी लखमा आदिवासी, अनिला आदिवासी समुदाय से और सतनामी समाज के गुरु रूद्र कुमार आदि मंत्री बने हैं। रायपुर के वरिष्ठ नेता सत्यनारायण शर्मा, पूर्व सीएम श्यामा चरण शुक्ला के पुत्र अमितेश शुक्ला और मोतीलाल वोरा के पुत्र अरुण वोरा का नाम मंत्रियों की सूची में नहीं है। अरुण वोरा ने इस बाबत विरोध भी जताया है।
कांग्रेस पार्टी के नेता और छत्तीसगढ़ मामलों के प्रभारी पीएल पूनिया का कहना है कि मंत्रिमंडल में सभी को उचित प्रतिनिधित्व मिला है। पार्टी कई लोगों को कुछ और जिम्मेदारी देगी। नाराज कोई नहीं है। अब हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ की सभी 11 लोकसभा सीटों पर खुद और भावी सहयोगियों की मदद से जीत दर्ज कराने की ओर बढ़ा जाए। कांग्रेस पार्टी ने राहुल गांधी के नेतृत्व में आक्रामक चुनाव लड़कर यह जीत हासिल की है। लोकसभा में भी हमारी ऐसी ही रणनीति रहेगी।