कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया चामुंडेश्वरी विधानसभा सीट से चुनाव न लड़कर बादामी से अपनी किस्मत आजमा सकते हैं। गुरुवार को बादामी विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस नेताओं ने सिद्धारमैया से मुलाकात कर उनसे सीट बदलने के लिए आग्रह किया।
पार्टी नेताओं ने तर्क दिया कि ऐसा करने से पार्टी को नॉर्थ कर्नाटक में जबरदस्त फायदा होगा। इसपर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह पार्टी आलाकमान से इस बारे में चर्चा करेंगे और विचार विमर्श के बाद ही फैसला लिया जाएगा। बता दें कि सिद्धारमैया चामुंडेश्वरी क्षेत्र से सात बार चुनाव लड़ चुके हैं और पांच बार जीत हासिल कर चुके हैं।
ये है वजह
देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक में भी चुनाव में जातियां अहम भूमिका निभाती हैं। राज्य का वोक्कालिगा समुदाय अब कांग्रेस और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के लिए गले की फांस बनता जा रहा है।
सिद्धारमैया को चामुंडेश्वरी क्षेत्र में वोक्कालिगा का जबरदस्त विरोध झेलना पड़ रहा है। नाराजगी की वजह सिद्धरमैया का वह बयान जिसमें उन्होंने कहा था कि वह पूर्व प्रधानमंत्री देवगौड़ा के राजनीतिक महत्व को पूरी तरह से खत्म कर देंगे।
सिद्धारमैया के इस बयान पर देवगौड़ा के नेतृत्व वाली जनता दल (सेक्युलर) ने फायदा उठाते हुए वोक्कालिगा समुदाय के लोगों को साधते हुए भावानात्मक कार्ड खेला है। पार्टी ने यह जताने की कोशिश की है कि जो भी देवगौड़ा और उनके बेटे कुमारस्वामी के खिलाफ है वह वोक्कालिगा के भी खिलाफ माना जाएगा।
अब सिद्धारमैया के पास दो रास्ते हैं एक तो यह कि वह इस सीट से चुनाव न लड़कर किसी और से सीट से मैदान में उतरे या फिर गैर-वोक्कालिगा वोटर्स को अपने पक्ष में कर लें।