महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं ने मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर से मुलाकात की। उन्होंने राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों (विधानसभा और विधान परिषद) में विपक्ष के नेता (एलओपी) के खाली पदों को जल्द भरने की मांग की।
कांग्रेस विधान परिषद में विपक्ष के नेता का पद चाहती है, क्योंकि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) के नेता अंबादास दानवे का कार्यकाल पिछले महीने खत्म हो गया था। वहीं, विधानसभा में कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव गुट) को एलओपी का पद दिए जाने का समर्थन कर रही है। यह पद भी नवंबर 2024 के विधानसभा चुनावों के बाद से खाली पड़ा है, जब कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार का कार्यकाल खत्म हो गया था।
ये भी पढ़ें:
Maharashtra: 'पिता के हत्या की जांच के केस में पुलिस अपना रही 'लापरवाह' रवैया', जीशान सिद्दीकी का बड़ा आरोप
कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार, कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य बालासाहेब थोराट और विधायक अमीन पटेल ने मुख्यमंत्री फडणवीस से मंत्रालय में मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने विधानभवन जाकर विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर से भी बातचीत की।
बाद में पत्रकारों से बात करते हुए बालासाहेब थोराट ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष के नेता का पद बहुत महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा, हमने मुख्यमंत्री से इन पदों को भरने की मांग की और मौजूदा प्रशासनिक हालात पर भी चर्चा की। विजय वडेट्टीवार ने बताया कि कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई चर्चा में मुख्यमंत्री का रुख सकारात्मक था।
उन्होंने कहा, हमने कल विधान परिषद के सभापति राम शिंदे और शिवसेना (उद्धव गुट) प्रमुख उद्धव ठाकरे से भी मुलाकात की थी। यह ठीक नहीं है कि दोनों सदनों में विपक्ष का नेता न हो। हमने पत्र सौंपने और संबंधित अधिकारियों से मिलने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। विधानसभा में विपक्ष के नेता का पद दिसंबर 2024 में नई विधानसभा के गठन के बाद से अब तक खाली है, क्योंकि विपक्षी दलों की कुल संख्या 288 सदस्यीय सदन में 50 से कम रह गई थी।
ये भी पढ़ें:
मालेगांव ब्लास्ट केस में साध्वी प्रज्ञा समेत सात को बरी करने वाले फैसले को चुनौती, हाईकोर्ट पहुंचे पीड़ित परिवार
शिवसेना (उद्धव गुट) के पास 20 विधायक हैं, जो विपक्षी दलों में सबसे ज्यादा हैं। इसलिए उन्होंने पहले ही विधानसभा में विपक्ष के नेता के पद पर दावा ठोक दिया है। 78 सदस्यीय विधान परिषद में कांग्रेस के पास सात सदस्य हैं, शिवसेना (उद्धव गुट) के पास छह और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के पास तीन सदस्य हैं। इसके अलावा तीन निर्दलीय सदस्य भी हैं। भाजपा के पास विधान परिषद में 22 सदस्य हैं। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के पास सात और अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा के पास आठ सदस्य हैं। फिलहाल परिषद में 22 सीटें खाली हैं।