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बंगाल: दुर्गा पूजा के दौरान में ईसाई परिवारों पर हमले का आरोप, कांग्रेस ने अमित शाह से कार्रवाई की मांग की

Sat, 24 Oct 2026 06:57 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर में तीन ईसाई परिवारों पर कथित हमले और धर्म छोड़ने के लिए दबाव बनाने के मामले में कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने अमित शाह से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। लेकिन क्या परिवारों को जबरन धार्मिक रस्में कराने के आरोप साबित होंगे? क्या जांच में सभी आरोपियों की भूमिका सामने आएगी और पीड़ितों को न्याय मिलेगा? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

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दुर्गा पूजा के दौरान ईसाई परिवारों से मारपीट का आरोप - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले में तीन ईसाई परिवारों पर कथित हमले और उनका धर्म छोड़ने के लिए दबाव बनाने का मामला सामने आया है। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि दुर्गा पूजा के दौरान इन परिवारों के साथ मारपीट, अपमान और जबरन धार्मिक रस्में कराने की कोशिश की गई। हालांकि, मामले में पुलिस की जांच जारी है और आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना बाकी है।

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तीन ईसाई परिवारों के साथ क्या हुआ था?
वेणुगोपाल के मुताबिक, चंद्रकोना थाना क्षेत्र के पटलापुर गांव में 18 से 20 अक्तूबर के बीच तीन ईसाई परिवारों को कथित तौर पर निशाना बनाया गया। उन्होंने अपने पत्र में आरोप लगाया कि ईसाई धर्म छोड़ने से इनकार करने पर परिवारों को धमकाया गया और उनके साथ मारपीट की गई। एक महिला के सिर पर चोट लगने और बेहोश होने का दावा भी किया गया। इसके अलावा, 15 साल की एक लड़की का कथित तौर पर गला दबाने और उसके अपहरण व दुष्कर्म की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। ये सभी आरोप कांग्रेस नेता के पत्र में लगाए गए हैं।

क्या परिवारों को दुर्गा पूजा पंडाल में ले जाकर धार्मिक रस्में कराई गईं?
वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि 19 अक्तूबर को तीनों परिवारों को पड़ोसी गांव डिंगल के दुर्गा पूजा पंडाल में ले जाया गया। वहां लोगों के सामने उनसे अंजलि देने और कथित शुद्धिकरण की रस्म में शामिल होने के लिए दबाव बनाया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि परिवारों को धमकी दी गई कि अगर वे पुलिस के पास गए तो उन्हें जिंदा जला दिया जाएगा। कांग्रेस सांसद ने इस घटना को गंभीर बताते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के खिलाफ धर्म संबंधी गतिविधियों में शामिल करने के आरोपों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
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अमित शाह को पत्र लिखकर वेणुगोपाल ने क्या मांग की?
कांग्रेस सांसद ने गृह मंत्री से सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने और भारतीय न्याय संहिता, 2023 की लागू होने वाली कड़ी धाराओं के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की। उनके मुताबिक, घटना के पहले दिन शिकायत देने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। बाद में एक वकील के हस्तक्षेप के बाद 20 अक्तूबर को 13 लोगों के नाम वाली प्राथमिकी दर्ज की गई। पत्र में हत्या के प्रयास, आपराधिक अतिक्रमण, कपड़े उतारने के इरादे से हमला, आपराधिक धमकी, महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने और चोरी जैसे कथित अपराधों का उल्लेख किया गया है।

क्या बंगाल में ईसाई समुदाय के खिलाफ अन्य घटनाओं का भी दावा किया गया है?
वेणुगोपाल ने नागरिक समाज के दस्तावेजों का हवाला देते हुए दावा किया कि इस साल 13 मई से 20 सितंबर के बीच पश्चिम बंगाल के 13 जिलों में ईसाइयों को निशाना बनाने की कम से कम 60 घटनाएं दर्ज की गईं। उन्होंने धर्म के मामलों में नफरत फैलाने या लोगों पर दबाव डालने के आरोपों का सामना कर रहे संगठनों और व्यक्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 25 का उल्लेख करते हुए कहा कि हर नागरिक को अपनी पसंद के धर्म को मानने, उसका पालन करने और उसका प्रचार करने की स्वतंत्रता है। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा परंपरागत रूप से सभी धर्मों के लोगों का स्वागत करने वाला त्योहार रहा है।

पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तीनों परिवारों के नौ सदस्यों ने 18 और 19 अक्तूबर को धमकी देने, मारपीट करने और उनकी इच्छा के खिलाफ धार्मिक रस्मों में शामिल कराने की शिकायत की थी। पुलिस ने शिकायतों के आधार पर मामला दर्ज किया है और किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए इलाके में सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया है। अधिकारी के मुताबिक, स्थिति नियंत्रण में है और जांच में स्थानीय विवाद या पुरानी पारिवारिक रंजिश समेत सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। जांच जारी होने के कारण पुलिस ने आरोपियों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है।

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