कांग्रेस नेता वर्षा गायकवाड़ ने सोमवार को आरोप लगाया कि बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर गंभीर हमले हुए, जिसमें उम्मीदवारों पर चुनाव से हटने का दबाव, पैसे बांटना और वोटों की गिनती के दौरान गड़बड़ियां शामिल हैं।
कांग्रेस का खराब प्रदर्शन
हाल ही में हुए बीएमसी चुनावों में कांग्रेस ने वंचित बहुजन अघाड़ी , आरएसपी और आरपीआई (गवई) के साथ गठबंधन किया था। जिसमें यह गठबंधन सिर्फ 27 सीटें ही जीत सका। 2017 के चुनावों में कांग्रेस ने 31 सीटें जीती थीं। भाजपा और शिवसेना के गठबंधन ने बीएमसी में स्पष्ट बहुमत हासिल किया है, जिसमें उन्हें क्रमशः 89 और 29 सीटें मिलीं, जबकि शिवसेना (यूबीटी) ने 65 सीटें जीतीं और उसकी सहयोगी एमएनएस छह सीटों पर विजयी रही।
बड़ी गड़बड़ियों के बीच उम्मीदवारों ने बहादुरी से लड़ाई लड़ी
पत्रकारों से बात करते हुए गायकवाड़ ने दावा किया कि 15 जनवरी के चुनावों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर गंभीर हमले हुए, जिसमें उम्मीदवारों पर अपना नामांकन वापस लेने का दबाव डाला गया, पैसे बांटे गए और वोटों की गिनती के दौरान गड़बड़ियां देखने को मिली।
नए चुने गए पार्षदों से मिलने के बाद उन्होंने कहा, इन बाधाओं के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों ने बहादुरी से लड़ाई लड़ी और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए मजबूती से खड़े रहे। पार्टी की मुंबई इकाई की प्रमुख गायकवाड़ ने कहा कि कांग्रेस यह सुनिश्चित करेगी कि नगर प्रशासन जिम्मेदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करे।
उन्होंने आगे कहा, हमारे चुने हुए प्रतिनिधि निगम के अंदर मुंबईकरों की आवाज उठाएंगे और उनके अधिकारों की रक्षा करेंगे। गायकवाड़ ने पार्टी कार्यकर्ताओं और उन उम्मीदवारों से भी अपील की जो चुनाव नहीं जीत पाए, वे जमीनी स्तर पर अपना काम जारी रखें।