भारतीय क्रिकेट में घरेलू स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने वाले बल्लेबाज सरफराज खान को एक बार फिर टीम से बाहर कर दिया गया है। उनकी गैर-चयन को लेकर अब राजनीति भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने चयन प्रक्रिया पर 'धर्म आधारित पक्षपात' का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा ने इस बयान को 'विभाजनकारी' बताया है।
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क्या है पूरा मामला?
दक्षिण अफ्रीका ए टीम के खिलाफ होने वाली सीरीज के लिए भारत ए की टीम की घोषणा हुई। इसमें कप्तान विकेटकीपर-बल्लेबाज रिषभ पंत को बनाया गया है। लेकिन लगातार अच्छे प्रदर्शन के बावजूद सरफराज खान का नाम टीम में नहीं आया। वह इस साल की शुरुआत में इंग्लैंड दौरे पर अनौपचारिक टेस्ट में भारत ए के लिए 92 रन की पारी खेल चुके थे, लेकिन चोट की वजह से टीम से बाहर हो गए थे। इसके बाद उन्होंने फिटनेस पर काम करते हुए करीब 17 किलो वजन भी घटाया।
कांग्रेस ने क्या लगाया आरोप?
कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने एक्स पर एक सवाल पूछा, 'क्या सरफराज खान को उनके 'सरनेम' की वजह से टीम में नहीं लिया गया? इसके साथ उन्होंने लिखा हैशटैग जस्ट ऑस्किंग. हम जानते हैं गौतम गंभीर का इस मुद्दे पर रुख।' उनके इस बयान से राजनीतिक हलचल तेज हो गई।
भाजपा बोली- विपक्ष की मानसिकता विभाजनकारी
भाजपा प्रवक्ता सीआर केसवन ने कांग्रेस पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस की यह सोच उसकी विभाजनकारी मानसिकता को दिखाती है। क्रिकेट टीम को धार्मिक आधार पर बांटने की कोशिश निंदनीय है।' उन्होंने यह भी याद दिलाया कि शमा मोहम्मद पहले रोहित शर्मा को लेकर विवादित टिप्पणी कर चुकी हैं, जिसके बाद कांग्रेस ने उन्हें पोस्ट हटाने का आदेश दिया था।
एआईएमआईएम का भी सवाल
इससे पहले असदुद्दीन ओवैसी और उनकी पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने भी सरफराज के चयन न होने पर सवाल उठाया था। प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा, 'सरफराज का फर्स्ट क्लास औसत 110 से ज्यादा है। वह फिट हैं। उन्होंने वजन घटाया है और टीम के लिए रन बनाए हैं। अब और क्या करें ताकि चयनकर्ता उन्हें मौका दें?'
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भारत ए और दक्षिण अफ्रीका ए के बीच दो चार-दिवसीय मैच 30 अक्तूबर से बंगलूरू में खेले जाएंगे। कप्तान के तौर पर पंत की वापसी तो तय है, लेकिन सरफराज का नाम टीम में न होना कई प्रशंसकों और क्रिकेट विशेषज्ञों को अखर रहा है। सरफराज के समर्थकों का कहना है, इतना शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद मौका न मिलना समझ से परे है।
अतुल वासन ने दी प्रतिक्रिया
शमा मोहम्मद के सवाल पर अब पूर्व भारतीय क्रिकेटर अतुल वासन ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि क्रिकेट व्यवस्था का हिस्सा होने के नाते, एक पूर्व खिलाड़ी होने के नाते, मुझे शर्म आती है कि एक पार्टी प्रवक्ता ने ऐसा कहा है। हमारे पड़ोसियों को देखिए, क्रिकेटरों को कैसे जिंदा रहना पड़ा। किसी को जिंदा रहने के लिए ईसाई धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाना पड़ा। वहां हिंदू खिलाड़ियों को कैसे बहिष्कृत किया गया। यहां ऐसा कभी नहीं हुआ। इसलिए हम ऊंची नैतिकता रखते हैं, लेकिन अगर हमारी राजनीतिक पार्टियाँ किसी खिलाड़ी को मोहरे की तरह इस्तेमाल करेंगी।'