वैक्सीन को लेकर हो रही सियासत पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि समाजवादी पार्टी के लोग जिस तरह बोल रहे हैं, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। अखिलेश यादव को देश से माफी मांगनी चाहिए। कहा जा रहा है कि वैक्सीन नपुंसक बना देगी। देश इस पर सपा को क्षमा नहीं करेगा।
अखिलेश यादव बोले, मैं भाजपा की वैक्सीन नहीं लगवाऊंगा
वैक्सीन को मंजूरी मिलने से पहले उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा था कि जो सरकार ताली और थाली बजवा रही थी, वो वैक्सीनेशन के लिए इतनी बड़ी चेन क्यों बनवा रही है। ताली और थाली से ही कोरोना को भगवा दें ना। उन्होंने कहा था, ''मैं अभी कोरोना की वैक्सीन नहीं लगवाऊंगा। मैं बीजेपी की वैक्सीन पर कैसे भरोसा कर सकता हूं। जब हमारी सरकार बनेगी, तो सभी को मुफ्त वैक्सीन मिलेगी। हम बीजेपी की वैक्सीन नहीं लगवा सकते हैं।''
अखिलेश के समर्थन में उतरे कांग्रेस नेता
राशिद अल्वी ने कहा, ''जिस तरीके से केंद्र सरकार सीबीआई, आईबी, ईडी, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का इस्तेमाल विपक्ष के खिलाफ कर रही है। इसमें वैक्सीन तो एक ऐसी चीज है, जिसका आम आदमी के साथ निश्चित तौर से इसका इस्तेमाल नहीं होगा, लेकिन विपक्ष के नेताओं को डर तो लगेगा क्योंकि ऐसे हाथों में सरकार है, जो देश के विपक्ष को या तो जेल में देखना चाहती है या उनकी राजनीति खत्म करना चाहती है। अखिलेश यादव के बयान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।''
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने वैक्सीन की मंजूरी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अनिवार्य प्रोटोकॉल तथा डेटा के सत्यापन का पालन क्यों नहीं किया गया। स्वास्थ्य मंत्रालय को इस मामले में अनिवार्य प्रोटोकॉल और जरूरतों के साथ समझौता करने के लिए अलग-अलग कारण बताना चाहिए, क्योंकि इसमें कोविड-19 के खिलाफ अग्रिम मोर्चे पर काम करने वाले स्वास्थ्य और सुरक्षाकर्मी शामिल हैं, जिन्हें सीमित श्रेणी के तहत टीका लगाया जाएगा। शर्मा ने कहा कि डीसीजीआई के बयान में स्पष्टता की कमी है।