उधर, कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर ‘स्पीक अप फॉर आवर जवान्स’ नामक अभियान चलाया जिसके तहत नेताओं ने वीडियो पोस्ट कर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। सोनिया ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘लद्दाख की गलवां घाटी में चीनी घुसपैठ को रोकते हुए हमारे 20 सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए। देश उनके बलिदान के लिए सदैव आभारी रहेगा। हमें हमारे सैनिकों और सेना पर नाज है। देश सुरक्षित है क्योंकि हमारी सेना प्राणों की आहुति देकर भी देश की हिफाजत करती है।'
उन्होंने सेना के प्रति एकजुटता प्रकट करते हुए कहा, ‘आज जब भारत चीन सीमा पर संकट की स्थिति है तो केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकती।’ कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल किया, ‘आज जब हम शहीदों को नमन कर रहे हैं तो देश जानना चाहता है कि अगर चीन ने लद्दाख में हमारी सरजमीं पर कब्जा नहीं किया तो फिर हमारे 20 सैनिकों की शहादत क्यों और कैसे हुई?’
उन्होंने यह भी पूछा, ‘चीन के सैनिकों द्वारा लद्दाख इलाके में कब्जा की गई हमारी सरजमीं को मोदी सरकार कैसे और कब वापस लेगी? क्या चीन द्वारा गलवां घाटी और पैंगोंग सो इलाके में नए निर्माण और नए बंकर बनाकर हमारी भूभागीय अखंडता का उल्लंघन किया जा रहा है? क्या प्रधानमंत्री इस विषय पर देश को विश्वास में लेंगे? आज पूरा देश सेना और सैनिकों के साथ खड़ा है। सरकार को चाहिए कि वह भारतीय सेना को पूरा सहयोग, समर्थन और ताकत दे। यही सच्ची देशभक्ति है।’
वहीं, राहुल गांधी ने वीडियो संदेश में कहा, ‘कुछ दिन पहले हमारे प्रधानमंत्री ने कहा कि हिंदुस्तान की एक इंच जमीन किसी ने नहीं ली, कोई हिंदुस्तान के भीतर नहीं आया। उपग्रह से ली गई तस्वीरों से पता चल रहा है, लद्दाख के लोग कह रहे हैं और सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी कह रहे हैं कि चीन ने तीन जगह हमारी जमीन छीनी है।’ उन्होंने कहा, ‘आप बोलिए कि चीन ने हमारी जमीन ली है और हम कार्रवाई करने जा रहे हैं। पूरा देश आपके साथ खड़ा है।’
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री जी, आपको सच बोलना ही पड़ेगा, देश को बताना पड़ेगा। घबराने की कोई जरूरत नहीं है। अगर आप कहेंगे कि जमीन नहीं गई है, लेकिन जमीन गई होगी तो चीन को इससे फायदा होगा। हमें मिलकर इनसे लड़ना है। इन्हें उठाकर वापस फेंकना है, निकालना है।' उन्होंने फिर से यह सवाल दोहराया कि हमारे जवानों को हिंसक झड़प वाली रात बिना हथियार के किसने भेजा और क्यों भेजा?
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, ‘प्रधानमंत्री जी बयानों को सुनकर कई गंभीर सवाल पैदा होते हैं। इन सवालों को उठाना हमारा फर्ज बनता है। इस देश को यह जानना चाहिए कि जब प्रधानमंत्री जी चीन के नेताओं के साथ दोस्ती कर रहे थे तो वो कौन से समझौते हुए, कौन सी बातचीत हुई जिसने आज चीन को यह हिम्मत दे दी कि उसने भारत की जमीन पर कब्जा किया।’
उन्होंने कहा, 'देश के लोग जानना चाहते हैं कि हमारे सैनिकों को चीन का सामना करने के लिए निहत्थे क्यों भेजा? जहां पर हमारे जवानों ने अपनी जान दी, वह भारत माता का हिस्सा है। आप इस जमीन को चीन को सौंप नहीं सकते। देश यह जानना चाहता है कि भारत की धरती पर चीन को आने की इजाजत किसने दी और क्यों दी? प्रधानमंत्री जी इन सवालों का जवाब आपको देना होगा। जवानों की शहादत पर राजनीति करना पाप है, हम यह पाप नहीं होने देंगे।’
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘पूरा देश सेना व सैनिकों के साथ खड़ा है। पर मोदी सरकार क्या कर रही है? क्या चीनी सेना ने दोबारा पीपी-14 (गलवां घाटी) में कब्जा नहीं कर लिया है, जहां 20 सैनिक शहीद हुए? मोदी जी आप हमारी सरजमीं से चीनी कब्जा कब छुड़वाएंगे?’