राहुल गांधी ने एक समाचार पत्र का स्क्रीनशाट पोस्ट करते हुए यूपीएससी को नया नाम दिया। उन्होंने यूपीएसी को 'यूनियन प्रचारक संघ आयोग' करार देते हुए, सरकार पर आरोप लगाया कि भारत के संविधान को नष्ट किया जा रहा है।
संघ लोक सेवा आयोग के नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर राजनीतिक गलियारों में हचचल मच गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को इस नियुक्ति को लेकर सरकार को घेरा। इतना ही नहीं, उन्होंने यूपीएससी का नाम तक बदल दिया है। इससे एक दिन पहले उन्होंने कोरोना से मौत के आंकड़ों को लेकर सरकार को घेरते हुए मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की थी।
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दरअसल, संघ लोक सेवा आयोग का नया अध्यक्ष मनोज सोनी को बनाया गया है। उनकी नियुक्ति को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने एक समाचार पत्र का स्क्रीनशाट पोस्ट करते हुए यूपीएससी को नया नाम दिया। उन्होंने यूपीएसी को 'यूनियन प्रचारक संघ आयोग' करार देते हुए, सरकार पर आरोप लगाया कि भारत के संविधान को नष्ट किया जा रहा है।
गौरतलब है कि संघ लोक सेवा आयोग के नए अध्यक्ष मनोज सोनी वडोदरा के महाराजा सैयाजीराव विश्वविद्यालय के वीसी रह चुके हैं। साथ ही राहुल गांधी ने जिस रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट साझा किया है, उसमें दावा किया गया है कि मनोज सोनी के भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ घनिष्ठ संबंध हैं।
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कोरोना से मौत को लेकर भी साधा था निशाना
वहीं, रविवार को राहुल गांधी ने कोरोना से मौत के आंकड़ों को लेकर सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने अपने ट्वीट में आरोप लगाया था कि 'मोदी जी न तो सच बोलते हैं और न ही दूसरों को बोलने देते हैं। वह अभी भी झूठ बोलते हैं कि ऑक्सीजन की कमी से किसी की मौत नहीं हुई!' राहुल गांधी ने कहा कि 'मैंने पहले भी कहा था कि कोविड के दौरान सरकार की लापरवाही के कारण पांच लाख नहीं, बल्कि 40 लाख भारतीयों की मौत हुई। अपनी जिम्मेदारी निभाएं, मोदी जी हर (कोविड) पीड़ित परिवार को चार-चार लाख रुपए का मुआवजा दें।'
पहले भी संघ पर लगाएं हैं आरोप
साथ ही, इस महीने की शुरुआत में गांधी ने एक किताब के विमोचन के दौरान अपने संबोधन में कहा था कि संविधान एक हथियार है, लेकिन संस्थाओं के बिना यह अर्थहीन है। उन्होंने आरोप लगाया था कि आरएसएस ने संस्थानों पर कब्जा कर लिया है।