भारत बचाओ रैली में कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी ने जब बोलना शुरू किया, तो कार्यकर्ताओं में खासा जोश देखा गया। उन्होंने कश्मीर और देश के दूसरे हिस्सों का नाम लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला। आप लोग देश की आवाज बनें, सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ आपको बोलना होगा। तब तक कार्यकर्ता कांग्रेस पार्टी के नारे लगा रहे थे, तालियां पीट रहे थे, लेकिन इसके बाद प्रियंका गांधी ने जब वह दास्तां सुनानी शुरू की, तो रैली स्थल एक पाठशाला बन गया। प्रियंका ने यह दास्तां अपने पिता राजीव गांधी के नाम के साथ शुरू की।
कांग्रेस पार्टी महासचिव प्रियंका ने उस कहानी को आगे बढ़ाते हुए कहा, उस लड़की के घर में मौजूद पोती से मैने पूछा, बेटी बड़े होकर क्या बनोगी। वह चुप रही, उसने कोई जवाब नहीं दिया। मुझे लगा कि उसके सपने खो चुके हैं। मैने सोचा कि अब इस बच्ची से नहीं पूछा, तो जीवन में बहुत कुछ छूट जाएगा। मैंने धीमी आवाज में उससे दोबारा पूछा कि बेटी क्या बनोगी। वह बोली, वकील जो होता है न, उससे बड़ी बनूंगी। मैं जज बनूंगी।
यही वो दास्तां थी कि जिससे रामलीला मैदान का रैली स्थल खामोश हो गया था। इसके बाद प्रियंका गांधी ने एक बार फिर मोदी सरकार पर नागरिकता संशोधन कानून को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, संविधान को बचाने और देश को विभाजन से बचाने के लिए सभी आवाज उठाएं। यह देश प्रेम का देश है, अहिंसा का देश है, युवाओं के सपनों का देश है। हमें इस देश को बचाना है क्योंकि इस पर एक ऐसी सरकार का साया है जिसमें समानता नहीं है।
प्रियंका ने कहा, पहले पूरी दुनिया हमारी तरफ देख रही थी। विकास हो रहा था। आज भाजपा की सरकार में रोजगार बढ़ने की बजाय घट रहा है। महंगाई बढ़ रही है। छोटे और मझोले व्यापारी परेशान हैं। उन्होंने कहा, असलियत यह है कि यदि भाजपा है तो 45 साल में सबसे ज्यादा महंगाई मुमकिन है।