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प्रियंका गांधी का गंभीर आरोप- कोरोना पीड़ित के संपर्क में आने के बाद भी रैलियों में प्रचार कर रहे योगी आदित्यनाथ

Thu, 08 Apr 2021 02:29 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार कोरोना पीड़ितों की संख्या छिपा रही है और राज्य में कोरोना के पर्याप्त इंतजाम नहीं कर रही है...      
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योगी आदित्यनाथ, प्रियंका गांधी वाड्रा, - फोटो : Amar Ujala (File)
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विस्तार
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प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कोरोना के मामले में लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि योगी आदित्यनाथ कोरोना पीड़ित के संपर्क में आ चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी वे पश्चिम बंगाल में रैलियों में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। इससे उनके संपर्क में आने वाले हजारों लोगों को संक्रमण का खतरा पैदा हो सकता है।

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गुरुवार को एक ट्वीट कर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कोरोना गंभीर रूप धारण कर चुका है। भारी संख्या में लोग इससे संक्रमित हो रहे हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री इन पीड़ितों के इलाज की उचित व्यवस्था करने की बजाय चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से प्रियंका गांधी ने कहा है कि यूपी में भारी संख्या में कोरोना पीड़ितों की मौत हो रही है। श्मशान घाटों पर उनके अंतिम क्रिया के उचित इंतजाम नहीं हैं। लोगों को कई-कई दिन तक इंतज़ार करना पड़ रहा है। इतनी गंभीर स्थिति होने के बावजूद मुख्यमंत्री कार्यालय लोगों के इलाज की उचित व्यवस्था करने की बजाय कोरोना पीड़ितों की संख्या छिपाने में जुटा हुआ है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने भी लगाये गंभीर आरोप

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने अमर उजाला से कहा कि उत्तर प्रदेश में कोरोना पीड़ितों के इलाज में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। सच्चाई यह है कि राज्य के बड़े-बड़े अस्पतालों में भी पर्याप्त वेंटीलेटर उपलब्ध नहीं हैं, लोगों को इलाज करने की जगह नहीं मिल पा रही है और इस कारण अनेक लोगों की दर्दनाक मौत हो रही है। लेकिन इतनी बुरी हालत के बाद भी योगी आदित्यनाथ राज्य की व्यवस्था सुधारने की बजाय चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं।

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अजय कुमार लल्लू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्राइवेट लैब्स पर कोरोना जांच करने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है, ताकि कोरोना पीड़ितों की सही संख्या की जानकारी सामने न आ सके। राज्य के शीर्ष मेडिकल कॉलेज के 35 डॉक्टर-नर्स कोरोना से पीड़ित हो गये। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उन्हें उचित सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। लेकिन इसके बाद भी सरकार राज्य में कोरोना स्थिति को बेहतर बता रही है। यह केवल आंकड़ों की बाजीगरी है, और राज्य की जनता की जिन्दगी से खिलवाड़ किया जा रहा है।

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