केरल में इस साल के अंत में होने वाले निकाय चुनावों से पहले वायरल हुए ऑडियो ने कांग्रेस को असहज स्थिति में फंसा दिया है। तिरुवनंतपुरम जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पी. रवि और एक स्थानीय कार्यकर्ता के बीच फोन पर हुई बातचीत लीक हो गई है। इस बातचीत में पी रवि स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस को झटका लगने की बात कह रहे हैं।
शनिवार को मलयालम टीवी चैनलों पर प्रसारित इस बातचीत में रवि पार्टी के आंतरिक मुद्दों पर चिंता व्यक्त करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस बातचीत के वायरल होने के बाद पी रवि ने तुरंत स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि बातचीत का उद्देश्य केवल जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को "प्रेरित" करना था।
'नेता एक-दूसरे की पीठ में छुरा घोंपने में ही लगे हैं'
वायरल हुए फोन कॉल ऑडियो में वह एक स्थानीय कार्यकर्ता से कह रहे है कि स्थानीय नेताओं के बीच गुटबाजी और स्वार्थ पार्टी को नुकसान पहुंचा रहा है और आपसी सम्मान और विश्वास खत्म हो गया है। ये नेता एक-दूसरे की पीठ में छुरा घोंपने में ही लगे हैं और जनता के बीच कोई काम नहीं कर रहा है।
पी रवि ने फोन पर चेतावनी देते हुए कहते हैं कि अगर यही स्थिति बनी रही तो कांग्रेस को स्थानीय निकाय चुनावों में तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ेगा और अगले विधानसभा चुनाव में वह पूरी तरह फ्लॉप हो जाएगी। भाजपा कम से कम 60 विधानसभा सीटों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जहां वे पैसे बांटकर लगभग 50,000 वोट हासिल करेंगे। कांग्रेस ये सीटें हार जाएगी और सीपीआई(एम) का शासन बना रहेगा।
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ऑडियो लीक पर पी रवि ने दी प्रतिक्रिया
यह ऑडियो ऐसे समय में लीक हुआ है जब कांग्रेस नेतृत्व संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की आगामी चुनावों में बड़ी जीत का दावा कर रहा है। पूर्व डिप्टी स्पीकर और विधायक रवि ने इस विवाद को लेकर कहा कि उनकी टिप्पणियों का उद्देश्य पार्टी कार्यकर्ताओं से संगठनात्मक नेटवर्क को फिर से खड़ा करने और और पूरी ताकत से प्रचार करने का आग्रह करना था। मुझे नहीं पता यह कॉल कैसे लीक हुई।
उन्होंने कहा, टीम यूडीएफ अपने अभियान में एकजुट है और मैं केवल कार्यकर्ताओं से पिछले चुनावों में हारी हुई स्थानीय निकायों को वापस जीतने के लिए एकजुट होने का आग्रह कर रहा था। कांग्रेस स्थानीय निकाय चुनावों की व्यापक तैयारी कर रही है और तीन प्रमुख नगर निगमों में चुनाव प्रचार की देखरेख के लिए वरिष्ठ नेताओं को नियुक्त का गई है।
तिरुवनंतपुरम का जिम्मा वरिष्ठ नेता के. मुरलीधरन को, एर्नाकुलम का जिम्मा विपक्ष के नेता वी. डी. सतीसन को और कोझिकोड का जिम्मा कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य रमेश चेन्निथला को सौंपा गया है। स्थानीय निकाय चुनाव दिसंबर में होने की संभावना है, जबकि विधानसभा चुनाव अगले वर्ष अप्रैल में होने हैं।