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Indian Railways: इस वजह से IRCTC ने बंद कर दी 2.5 करोड़ यूजर ID, ऐसे करे चेक आपकी आईडी भी तो नहीं हो गई ब्लॉक?

Sat, 26 Jul 2025 05:32 PM IST
अभिषेक दीक्षित डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

25 जुलाई को राज्यसभा में दिए गए एक उत्तर में रेल मंत्रालय ने कहा कि टिकट बुकिंग सिस्टम में हो रही गड़बड़ी और गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए आईआरसीटीसी ने यह कदम उठाया है। डेटा एनालिसिस के दौरान पाया गया कि करोड़ों यूजर आईडी फर्जी या संदिग्ध जानकारियों से बनी थीं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अगर आप भी ट्रेन टिकट आईआरसीटीसी के जरिए बुक करते यह खबर आपके लिए है, क्योंकि आईआरसीटीसी ने 2.5 करोड़ से ज्यादा यूजर आईडी को डीएक्टिवेट कर दिया है। रेलवे को डेटा के विश्लेषण में कुछ यूजर्स के बुकिंग पैटर्न पर शक हुआ था। इसी संदेह के आधार पर इन यूजर्स की आईडी को बंद किया गया है। सरकार ने संसद में एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी।

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राज्यसभा सांसद सांसद एडी सिंह ने संसद में इस बारे में सवाल पूछा था। सिंह ने रेलवे मंत्रालय से सवाल पूछा था कि आईआरसीटीसी के करोड़ों यूजर्स की आईडी क्यों बंद की गई, टिकट बुकिंग खुलते ही टिकट कैसे गायब हो जाते हैं और इसे रोकने के लिए रेलवे क्या कदम उठा रहा है? इसके जवाब में सरकार ने जानकारी दी। मंत्रालय ने अपने जवाब में लिखा है कि,टिकट बुकिंग में हो रही गड़बड़ियों को रोकने के लिए आईआरसीटीसी ने 2.5 करोड़ से ज्यादा यूजर आईडी बंद कर दी है। जांच में पता चला कि इन यूजर आईडी से बुकिंग करने में कुछ गड़बड़ है।

25 जुलाई को राज्यसभा में दिए गए एक उत्तर में रेल मंत्रालय ने कहा कि टिकट बुकिंग सिस्टम में हो रही गड़बड़ी और गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए आईआरसीटीसी ने यह कदम उठाया है। डेटा एनालिसिस के दौरान पाया गया कि करोड़ों यूजर आईडी फर्जी या संदिग्ध जानकारियों से बनी थीं। जिसके बाद उनको डीएक्टिवेट कर दिया गया ताकि तत्काल टिकट बुकिंग में पारदर्शिता लाई जा सके और ईमानदार यात्रियों को नुकसान ना हो।
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मंत्रालय ने यह भी बताया कि, ट्रेनों में टिकटों की मांग पूरे साल एक जैसी नहीं रहती है। कुछ समय ऐसा होता है जब टिकटों की मांग बहुत ज्यादा होती है और कुछ समय ऐसा होता है जब कम होती है। जो ट्रेनें ज्यादा लोकप्रिय हैं और जो यात्रा करने में कम समय लेती हैं, उसमें टिकट जल्दी बिक जाते हैं। लेकिन दूसरी ट्रेनों में टिकट आसानी से मिल जाते हैं। यात्रियों को कन्फर्म टिकट आसानी से मिलें, टिकट बुकिंग में पारदर्शिता रहे और लोग ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन टिकट बुक करें, इसके लिए रेलवे ने कई कदम उठाए हैं। 

इसके अलावा वेटिंग लिस्ट की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। अगर डिमांड बढ़ती है, तो स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाता है या फिर मौजूदा ट्रेनों में अतिरिक्त डिब्बे जोड़े जाते हैं। साथ ही, विकल्प और अपग्रेडेशन स्कीम जैसी योजनाएं चलाई जाती हैं ताकि वेटिंग वाले यात्रियों को भी कंफर्म सीट मिल सके।

मंत्रालय ने जानकारी दी कि, यात्री ऑनलाइन या रेलवे के काउंटर पर जाकर टिकट बुक कर सकते हैं। आजकल करीब 89 प्रतिशत टिकट ऑनलाइन बुक होते हैं। रेलवे के काउंटर पर भी आप डिजिटल तरीके से भी पेमेंट कर सकते हैं। 1 जुलाई 2025 से तत्काल टिकट बुकिंग के नियमों में कुछ बदलाव किए गए हैं। यात्रियों को अब आईआरसीटीसी की वेबसाइट या ऐप पर आधार कार्ड से वेरीफाई करना होगा। एजेंट तत्काल टिकट बुकिंग खुलने के पहले 30 मिनट तक टिकट बुक नहीं कर पाएंगे।



कैसे चेक करें आपका आईआरसीटीसी अकाउंट एक्टिव है या नहीं?

  • आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट या एप पर जाएं। फिर अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट खोलें या आईआरसीटीसी रेल कनेक्ट एप डाउनलोड करे।
  • एप या वेबसाइट पर लॉगिन करे। इसके बाद  अपना यूजर आईडी और पासवर्ड  डालें। इसके बाद कैप्चा कोड भरें और साइन इन पर क्लिक करें।
  • अगर आपका अकाउंट एक्टिव है, तो आप आसानी से लॉगिन कर पाएंगे और डैशबोर्ड पर अपनी बुकिंग और अन्य जानकारी देख सकेंगे।
  • अगर अकाउंट निष्क्रिय है, तो आपको एक एरर मैसेज दिखाई देगा, जैसे आपका अकाउंट निष्क्रिय है।
  • अगर आपका अकाउंट बंद हुआ है, तो घबराएं नहीं। इसके बाद आप आईआरसीटीसी कस्टमर केयर से संपर्क कर सकते हैं। 
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