प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एयरसेल-मैक्सिस धनशोधन मामले में पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम से फिर आज पूछताछ की। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि चिदंबरम का बयान धनशोधन रोकथाम अधिनियम के तहत दर्ज किया जाएगा।
समझा जाता है कि जांच एजेंसी इस सौदे के बारे में चिदंबरम से कुछ नए सवाल करना चाहती है। उसने इससे पहले इस सौदे के बारे में एफआईपीबी के अधिकारियों का बयान दर्ज किया था। उम्मीद है कि चिदंबरम का उन सभी से आमना-सामना कराया जाएगा।
पहले चिदंबरम से उनके वित्त मंत्री रहने के दौरान विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (जो अब अस्तित्व में नहीं है) द्वारा एयरसेल-मैक्सिस सौदे को मंजूरी देने में अपनाई गई प्रक्रिया और तत्कालीन स्थिति के बारे में सवाल किए गए थे।
चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम से इस मामले में ईडी से दो बार पूछताछ कर चुकी है। जून में ईडी की ऐसी ही पूछताछ के बाद चिदंबरम ने कहा था कि उन्होंने एजेंसी से जो कुछ कहा, वह पहले से ही सरकारी दस्तावेजों में दर्ज है। उन्होंने यह भी कहा था कि कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है, उसके बाद भी जांच शुरू की गई।
उन्होंने ट्वीट किया था, ‘‘आधे से ज्यादा समय सवालों के जवाब को बिना किसी त्रुटि के टाईप करने, बयान को पढ़ने और उस पर दस्तखत करने में लगाया गया।’’