जयराम ने कहा कि राज्यसभा ने 13 साल पहले 10 मार्च 2010 को महिला आरक्षण विधेयक पारित किया था और राज्यसभा में पास हुआ कोई भी बिल कभी समाप्त नहीं होता। 13 साल हो गए हैं। हमारे पास बहुमत नहीं था और भाजपा हमें समर्थन देने से हिचक रही थी।
महिला आरक्षण विधेयक को लेकर भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की विपक्षी दलों को लामबंद करने की कोशिश पूरी होती नजर नहीं आ रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने शुक्रवार को कहा कि मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी और बीआरएस एमएलसी के कविता द्वारा राष्ट्रीय राजधानी में जंतर-मंतर पर शुरू की गई भूख हड़ताल अन्य मुद्दों से ध्यान हटाने का प्रयास है।
विज्ञापन
जयराम ने कहा कि राज्यसभा ने 13 साल पहले 10 मार्च 2010 को महिला आरक्षण विधेयक पारित किया था और राज्यसभा में पास हुआ कोई भी बिल कभी समाप्त नहीं होता। 13 साल हो गए हैं। हमारे पास बहुमत नहीं था और भाजपा हमें समर्थन देने से हिचक रही थी। जयराम रमेश ने कहा, टीआरएस ने लोकसभा में भाजपा का समर्थन किया और वाईएसआरसीपी (YSRCP) हमेशा समर्थन करती है। जंतर-मंतर पर आज की भूख हड़ताल अन्य मुद्दों से ध्यान हटाने का एक प्रयास है।
भारत राष्ट्र समिति की एमएलसी और तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव की बेटी के कविता ने शुक्रवार को संसद के मौजूदा बजट सत्र में महिला आरक्षण विधेयक पेश करने की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजधानी में जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल शुरू की थी।
विज्ञापन
एक सभा को संबोधित करते हुए कविता ने कहा कि यह विधेयक राष्ट्र के विकास में मदद करेगा और उन्होंने केंद्र सरकार से संसद में विधेयक पेश करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल महत्वपूर्ण है और हमें इसे जल्द लाने की जरूरत है। मैं सभी महिलाओं से वादा करती हूं कि बिल पेश किए जाने तक यह विरोध नहीं रुकेगा। यह विधेयक देश के विकास में सहायक होगा। मैं भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से इस विधेयक को संसद में पेश करने का अनुरोध करती हूं।उन्होंने इस विरोध को अपना समर्थन देने के लिए बीआरएस पार्टी के नेताओं और कैडर को भी धन्यवाद दिया।
जयराम रमेश ने कहा कि हम तेलंगाना में केसीआर के नेतृत्व वाली भारत राष्ट्र समिति सरकार से लड़ रहे हैं। हमारा मुख्य प्रतिद्वंद्वी बीआरएस है। उन्होंने मोदी सरकार का समर्थन किया है, लेकिन कुछ ही दिनों में माहौल बदल गया है और वे विपक्ष का हिस्सा बनने की कोशिश कर रहे हैं। 'केसीआर को हराओ, तेलंगाना बचाओ"।