मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता केके मिश्रा पर ब्राह्मण समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा है। उनकी टिप्पणी के बाद विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा ने कांग्रेस पदाधिकारी को पार्टी से निष्कासित करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो वह 'भारत जोड़ो यात्रा' को राज्य में प्रवेश नहीं करने देंगे।
हालांकि मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया सेल प्रमुख केके मिश्रा ने दावा किया है कि सत्तारूढ़ दल के द्वारा उनकी टिप्पणियों को इसलिए तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है क्योंकि वह देशभर में राहुल गांधी के जनसंपर्क अभियान को मिल रहे भारी समर्थन से परेशान हैं।
कांग्रेस नेता ने आपत्तिजनक टिप्पणी उस वक्त की जब वह झाबुआ जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) के निलंबन और जिला कलेक्टर के तबादले के मामले को लेकर मीडियाकर्मी को इंटरव्यू दे रहे थे।
छात्रों से दुर्व्यवहार करने पर मुख्यमंत्री ने एसपी अरविंद तिवारी को सस्पेंड कर दिया था। वहीं जिले में कल्याणकारी योजनाओं के खराब कार्यान्वयन की शिकायतों के बाद जिला कलेक्टर का ट्रांसफर कर दिया गया था। इस बारे में जब किसी ने केके मिश्रा को पूछा कि क्या ब्राह्मणों के साथ झाबुआ में अन्याय हुआ है, तो इसी के जवाब में उन्होंने कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की।
इंटरव्यू में उन्हें यह भी कहते हुए सुना जा रहा है कि उन्हें ब्राह्मण होने पर गर्व है और वह मानवता को हर चीज से ऊपर मानते हैं और वह उस ब्राह्मण की रक्षा नहीं करेंगे जो गलत काम करता है।
सोशल मीडिया पर उनका वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा के भोपाल जिलाध्यक्ष सुमित पचौरी के नेतृत्व कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के आवास के बाहर धरना दिया और मिश्रा को पार्टी से निकालने की मांग की।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वे गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को मध्यप्रदेश में नहीं घुसने देंगे। बाद में भाजपा के कुछ नेताओं ने कमलनाथ से उनके आवास पर मुलाकात की और मिश्रा को कांग्रेस से बाहर करने के लिए एक ज्ञापन सौंपा।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबी सूत्रों ने कहा कि उन्होंने विरोध कर रहे भाजपा नेताओं से कहा कि वह पूरे प्रकरण की जांच करेंगे और उचित कार्रवाई करेंगे।