कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जी परमेश्वर ने गुरुवार को स्वीकार किया कि अप्रैल-मई में होने वाले कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी के सत्ता में आने की स्थिति में वह मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में शामिल हैं। पांच बार के विधायक परमेश्वर ने कहा कि पार्टी के चुनाव जीतने के बाद पार्टी आलाकमान अगले मुख्यमंत्री के बारे में फैसला करेगा और कहा कि मौका दिए जाने की स्थिति में वह तैयार हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार और विधायक दल के नेता सिद्धरमैया कांग्रेस के सत्ता में आने की स्थिति में पहले से ही मुख्यमंत्री पद की महत्वाकांक्षाएं पाले हुए हैं और अपनी आकांक्षाओं को लेकर काफी मुखर भी हैं।
कांग्रेस के सत्ता में आने पर एक दलित को मुख्यमंत्री बनाये जाने की संभावना के संबंध में एक सवाल पूछे जाने पर परमेश्वर ने कहा, हम किसी को जाति के आधार पर मुख्यमंत्री नहीं बनाते, उस समय की स्थिति में जो भी सक्षम होता है, जो भी पार्टी के अभियान और उसके सिद्धांतों को पूरा करने की क्षमता रखता है, उसके आधार पर मुख्यमंत्री चुना जाता है। इसका चयन इसके आधार पर नहीं किया जाता कि कोई दलित है या अन्य जाति से है।
मुख्यमंत्री पद की उनकी आकांक्षा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मैं राजनीति क्यों कर रहा हूं? सत्ता में आने के लिए ... सभी की आकांक्षाएं होती हैं, हमारी पार्टी में लगभग 10 लोगों की आकांक्षाएं हैं, मैं भी उनमें से एक हूं।
परमेश्वर, एक दलित हैं और एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन सरकार के दौरान उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं। वह सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले केपीसीसी प्रमुख (आठ वर्ष) भी थे और एडिलेड विश्वविद्यालय के वाइट एग्रीकल्चर रिसर्च सेंटर से प्लांट फिजियोलॉजी में पीएचडी हैं। परमेश्वर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के लिए संभावनाएं बहुत अच्छी हैं और विश्वास है कि पार्टी 100 फीसदी सरकार बनाएगी और सभी सर्वेक्षण भी हमें आगे दिखा रहे हैं।
पिछली बार सीएम बनने की रेस में हारने और एक बार फिर से रेस में देखे जाने के सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए परमेश्वर ने कहा कि सत्ता में आने पर आलाकमान तय करेगा और वे जिस पर भरोसा करेंगे, उसे सब स्वीकार करेंगे। उन्होंने सीएम पद के लिए खुद को आगे नहीं बढ़ाने के बारे में एक सवाल के जवाब में कहा कि हमारा उद्देश्य पहले पार्टी को सत्ता में लाना है, उसके बाद यह आलाकमान पर छोड़ दिया जाता है, वे जो भी तय करेंगे, हम उसे स्वीकार करेंगे ... सभी की आकांक्षा होती है और अगर एक मौका दिया गया तो मैं भी इसके लिए तैयार हूं।
तुमकुरु जिले में कोराटागेरे का प्रतिनिधित्व करने वाले परमेश्वर 2013 के विधानसभा चुनाव हार गए थे, जब वह केपीसीसी अध्यक्ष थे। वह तब मुख्यमंत्री पद के दावेदार थे, लेकिन चुनाव हारने के बाद उन्हें एमएलसी बनाया गया और सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री बने थे।