कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एमएलसी सीएम इब्राहिम ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने जनता दल (एस) में जाने की इच्छा जताई है। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगोडा और अन्य नेताओं से चर्चा के बाद वे इस संबंध में घोषणा करेंगे। देवगोडा ने भी पार्टी में चर्चा के बाद इस पर निर्णय लेने की बात कही है।
मीडिया से इब्राहिम ने कहा कि मैंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पार्टी छोड़ने का पत्र भेजा है। एमएलसी पद छोड़ने का पत्र नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ नेता सिद्धरमैया को भेजा है। वे इसे दाखिल कर स्वीकार कर सकते हैं। ऐसा मैंने इसलिए किया, क्योंकि मेरे इस्तीफे से विधान परिषद में भाजपा का बहुमत होगा और वह लंबित धर्मांतरण विरोधी बिल पास करा लेगी।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और एक समय देवगोडा के करीबी माने जाने वाले इब्राहिम वर्ष 2008 में कांग्रेस में आए थे। कुछ दिन से वे पार्टी और सिद्धारमैया से नाराज थे। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के बीके हरिप्रसाद को विधान परिषद में नेता विपक्ष नियुक्त करने के बाद उन्होंने यह फैसला लिया। इस पद पर उनकी निगाह थी।
इस बीच कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक कल शाम 4 बजे दिल्ली में AICC कार्यालय में होगी, जिसमें 5 राज्यों में चुनावी हार और वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर चर्चा होगी। इससे पहले कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रविवार को सुबह 10.30 बजे एक अहम बैठक करेंगी। मीटिंग 10 जनपथ पर बुलाई गई है। इसमें पार्टी के संसदीय रणनीति समूह से जुड़े लोग शामिल होंगेद्ध
दरअसल, पांच राज्यों में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद कांग्रेस के अंदर संगठन में बदलाव और सुधार के लिए फिर से आवाज उठने लगी है। जी-23 यानी असंतुष्ट नेताओं के समूह ने पार्टी की मौजूदा हालत चिंताजनक बताया है। जी-23 समूह के नेताओं ने शुक्रवार को दिल्ली में गुलाम नबी आजाद के आवास पर बैठक भी की थी। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान कुछ नेताओं का मानना था कि कांग्रेस कार्यसमिति में नहीं जाना चाहिए, क्योंकि इसमें गंभीर मुद्दों पर चर्चा नहीं होती है।