अनिल एंटनी ने एक ट्वीट में कहा कि जो लोग ब्रिटिश प्रसारक और ब्रिटेन के पूर्व विदेश सचिव जैक स्ट्रॉ के विचारों का समर्थन करते हैं और उन्हें जगह देते हैं, वे भारतीय संस्थानों पर एक खतरनाक मिसाल कायम कर रहे हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री एके एंटनी के बेटे अनिल एंटनी ने वर्ष 2002 के गुजरात दंगों पर बनी बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री का विरोध किया है। अनिल एंटनी ने मंगलवार को कहा कि ब्रिटिश प्रसारक बीबीसी के विचारों को भारतीय संस्थानों पर तरजीह देना, देश की संप्रभुता को 'कमजोर' करेगा। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब केरल कांग्रेस की विभिन्न इकाइयों ने गुजरात दंगों पर विवादास्पद डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग की घोषणा की है।
विज्ञापन
अनिल एंटनी कांग्रेस पार्टी की केरल इकाई के डिजिटल संचार का जिम्मा संभाल चुके हैं। अनिल एंटनी ने एक ट्वीट में कहा कि जो लोग ब्रिटिश प्रसारक और ब्रिटेन के पूर्व विदेश सचिव जैक स्ट्रॉ के विचारों का समर्थन करते हैं और उन्हें जगह देते हैं, वे भारतीय संस्थानों पर एक खतरनाक मिसाल कायम कर रहे हैं। क्योंकि 2003 के इराक युद्ध के पीछे जैक स्ट्रॉ का दिमाग था। उन्होंने कहा, भाजपा के साथ बड़े मतभेदों के बावजूद, मुझे लगता है कि यह हमारी संप्रभुता को कमजोर करेगा।
गणतंत्र दिवस पर डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग की घोषणा
एक तरफ जहां भाजपा को इस विवादित डॉक्यूमेंट्री पर कांग्रेस नेता का साथ मिला है, वहीं केरल कांग्रेस के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष शिहाबुद्दीन करयात ने एक बयान में कहा कि देश में प्रतिबंध के मद्देनजर गणतंत्र दिवस पर पार्टी के जिला मुख्यालयों में डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग की जाएगी।
विज्ञापन
गौरतलब है कि भारत सरकार ने पिछले सप्ताह सोशल मीडिया पर गुजरात दंगों पर आधारित बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री से संबंधित लिंक या पोस्ट को ब्लॉक करने का निर्देश दिया था। इस डॉक्यूमेंट्री में 2002 के गुजरात दंगों से संबंधित कुछ पहलुओं की जांच करने का दावा किया गया है। हालांकि, भारत सरकार ने इसे दुष्प्रचार का हिस्सा बताया है। भारत ने कहा है कि इस डॉक्यमेंट्री में निष्पक्षता की कमी है और यह औपनिवेशिक मानसिकता को दर्शाता है। वहीं, केंद्र सरकार के इस कदम को कांग्रेस और टीएमसी जैसे विपक्षी दलों से तीखी आलोचना मिली है।