पेप्सिको का कहना है कि उसे पौध विविधता एवं किसान अधिकार संरक्षण अधिनियम, 2001 के तहत आलू की किस्मों पर पौध विविधता संरक्षण अधिकार मिला हुआ है। किसान बीज की किस्मों पर उसके अधिकारों का उल्लंघन कर आलू की पैदावार कर रहे थे। कंपनी ने अदालत में चार किसानों से एक-एक करोड़ रूपये और बाकी पांच किसानों से 20-20 लाख रूपये का हर्जाना मांगा है।
इस बीच, राज्य के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पेप्सिको की कार्रवाई पर ऐतराज जताया है और कंपनी को मामला वापस नहीं लेने पर परिणाम की धमकी दी है। 190 से अधिक सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बुधवार को केंद्र से अनुरोध किया कि वह कंपनी को गुजरात के किसानों के खिलाफ झूठे मामले वापस लेने के लिए कहे।