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लोकसभा में जहरबुझे तीरों से पहले दिन महफिल लूट ले गए अधीर रंजन चौधरी

Mon, 24 Jun 2019 07:38 PM IST
शशिधर पाठक शशिधर पाठक, नई दिल्ली
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कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी - फोटो : फाइल फोटो
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अधीर रंजन चौधरी पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के बड़े नेता हैं। इस बार कांग्रेस पार्टी के दिग्गजों के चुनाव हार जाने के बाद लोकसभा में नेता हैं। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा की शुरूआत हुई तो विपक्ष के नेता के तौर पर उन्होंने चर्चा को आगे बढ़ाया और पूरी महफिल लूट ले गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सदन में मौजूदगी के दौरान अधीर रंजन चौधरी ने केंद्र सरकार के कामकाज की जमकर बखिया उधेड़ी। यहां तक कि प्रधानमंत्री की तुलना भी नाली से कर बैठे। हंगामा मचा तो माफी भी मांगी। मोदी सरकार के एक पूर्व मंत्री ने इस चर्चा को रोचक और सार्थक बताया।

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दरअसल पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से प्रधानमंत्री मोदी की तुलना को नकारने के बाद अधीर रंजन चौधरी ने भाजपा नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री की तुलना स्वामी विवेकानंद से करने पर आड़े हाथों लेना शुरू किया। उन्होंने इसे पश्चिम बंगाल का अपमान बताया और स्वामी विवेकानंद की तुलना पवित्र नदी गंगा नदी से की तो प्रधानमंत्री को नाली बता दिया। बाद में अधीर ने अपने इस वाक्य के लिए खराब हिन्दी होने का हवाला देकर माफी मांग ली। 

अधीर ने कहा कि उनकी हिंदी अच्छी नहीं है। वह उनके कहने का अर्थ नाली नहीं चैनल से था। अधीर ने कहा कि वह प्रधानमंत्री का सम्मान करते हैं और यदि उन्हें इससे ठेस पहुंची है तो माफी मांगते हैं। अधीर रंजन ने यह टिप्पणी लोकसभा में चर्चा की शुरूआत करने वाले केंद्रीय मंत्री प्रताप चंद्र सारंगी के जवाब में की थी। सारंगी ने लोकसभा में प्रधानमंत्री की तुलना स्वामी विवेकानंद से कर दी थी। इसी तरह से इंदिरा गांधी को लेकर सारंगी ने अपनी बात को रखा था।

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पांच साल में आपने क्या किया?

विपक्ष के नेता के तौर पर अधीर रंजन चौधरी से व्यंग्य, तंज, लक्षणा, व्यंजना में जहरबुझे तीर छोड़े। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने पांच साल में पुरानी योजनाओं का केवल नाम बदल दिया।  अधीर रंजन ने कहा कि मोदी सरकार केवल श्रेय लेने का काम कर रही है और इस सरकार को इसके लिए तथ्यों में हेर फेर करने से कोई गुरेज नहीं है। 

इस क्रम में अधीर रंजन ने केंद्र सरकार की बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना समेत तमाम कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला। कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार ने रोजगार के मामले में कुछ नहीं किया। पानी संकट लगातार बढ़ रहा है, बिहार में बुखार की चपेट में बच्चे दम तोड़ रहे हैं और सरकार के मंत्री चुप हैं। सबको लग रहा है कि अब मोदी जी ही पार लगाएंगे।

क्यों बैठे राहुल-सोनिया संसद में?

मुख्य विपक्षी दल के नेता ने सवाल किया कि मोदी सरकार ने टू-जी स्पेक्ट्रम आवंटन और कोयला घोटाला में क्या किया? आप किसे पकड़ने में कामयाब रहे? अधीर रंजन ने सरकार से सवाल किया कि मोदी सरकार तो यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को चेर कहकर सत्ता में आई थी, लेकिन क्या सरकार उन्हें जेल में डाल पाई? वो सब लोग तो संसद में बैठे हुए हैं? अधीर रंजन के तेवर काफी आक्रामक थे। खास बात यह है कि जब अधीर रंजन चौधरी करारा प्रहार कर रहे थे तो परंपरा के अनुरूप प्रधानमंत्री सदन में मौजूद थे। यूपीए अध्यक्ष भी सदन में थी और मेज थपथपाकर अपने नेता की हौसला अफजाई कर रही थीं। 

कांग्रेस की सरकारों ने कर दिखाया

मुख्य विपक्षी दल के नेता ने केंद्र सरकार के कामकाज पर करारा प्रहार करते हुए पिछली सरकारों के कामकाज का सम्मान करने का आग्रह किया। इसके साथ अधीर रंजन ने डीआरडीओ, आईआईटी, सैकड़ों विश्वविद्यालय, प्रीमियर संस्थान, सड़क, बांध समेत अवसंरचना के विकास समेत अन्य कार्यों का जिक्र किया। हरित क्रांति, दुग्ध क्रांति, सूचना क्रांति आदि का जिक्र किया और प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के दौर को याद किया। 
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विंग कमांडर अभिनंनदन की मूंछ पर भी आए

ऑपरेशन बालाकोट को लेकर अधीर रंजन ने अजब व्यंग्यात्मक लहजे में प्रहार किया। उन्होंने विंग कमांडर की मूंछ को राष्ट्रीय मूंछ घोषित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान को पुरस्कार भी देना चाहिए। अधीर रंजन का यह बयान मोदी सरकार के कामकाज पर बड़ा तंज माना जा रहा है। कांग्रेस के एक नेता का कहना है कि जिस तरह से मोदी सरकार ने ब्रांडिंग को बड़ा राजनीतिक हथियार बनाया है, अधीर रंजन ने इस तरह के राजनीतिक प्रयोग पर यह प्रहार किया है।
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