विपक्ष के नेता के तौर पर अधीर रंजन चौधरी से व्यंग्य, तंज, लक्षणा, व्यंजना में जहरबुझे तीर छोड़े। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने पांच साल में पुरानी योजनाओं का केवल नाम बदल दिया। अधीर रंजन ने कहा कि मोदी सरकार केवल श्रेय लेने का काम कर रही है और इस सरकार को इसके लिए तथ्यों में हेर फेर करने से कोई गुरेज नहीं है।
इस क्रम में अधीर रंजन ने केंद्र सरकार की बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना समेत तमाम कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला। कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार ने रोजगार के मामले में कुछ नहीं किया। पानी संकट लगातार बढ़ रहा है, बिहार में बुखार की चपेट में बच्चे दम तोड़ रहे हैं और सरकार के मंत्री चुप हैं। सबको लग रहा है कि अब मोदी जी ही पार लगाएंगे।
मुख्य विपक्षी दल के नेता ने सवाल किया कि मोदी सरकार ने टू-जी स्पेक्ट्रम आवंटन और कोयला घोटाला में क्या किया? आप किसे पकड़ने में कामयाब रहे? अधीर रंजन ने सरकार से सवाल किया कि मोदी सरकार तो यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को चेर कहकर सत्ता में आई थी, लेकिन क्या सरकार उन्हें जेल में डाल पाई? वो सब लोग तो संसद में बैठे हुए हैं? अधीर रंजन के तेवर काफी आक्रामक थे। खास बात यह है कि जब अधीर रंजन चौधरी करारा प्रहार कर रहे थे तो परंपरा के अनुरूप प्रधानमंत्री सदन में मौजूद थे। यूपीए अध्यक्ष भी सदन में थी और मेज थपथपाकर अपने नेता की हौसला अफजाई कर रही थीं।
मुख्य विपक्षी दल के नेता ने केंद्र सरकार के कामकाज पर करारा प्रहार करते हुए पिछली सरकारों के कामकाज का सम्मान करने का आग्रह किया। इसके साथ अधीर रंजन ने डीआरडीओ, आईआईटी, सैकड़ों विश्वविद्यालय, प्रीमियर संस्थान, सड़क, बांध समेत अवसंरचना के विकास समेत अन्य कार्यों का जिक्र किया। हरित क्रांति, दुग्ध क्रांति, सूचना क्रांति आदि का जिक्र किया और प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के दौर को याद किया।
ऑपरेशन बालाकोट को लेकर अधीर रंजन ने अजब व्यंग्यात्मक लहजे में प्रहार किया। उन्होंने विंग कमांडर की मूंछ को राष्ट्रीय मूंछ घोषित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान को पुरस्कार भी देना चाहिए। अधीर रंजन का यह बयान मोदी सरकार के कामकाज पर बड़ा तंज माना जा रहा है। कांग्रेस के एक नेता का कहना है कि जिस तरह से मोदी सरकार ने ब्रांडिंग को बड़ा राजनीतिक हथियार बनाया है, अधीर रंजन ने इस तरह के राजनीतिक प्रयोग पर यह प्रहार किया है।