महाराष्ट्र चुनाव के लिए भाजपा द्वारा जारी किए गए घोषणापत्र में जबसे इस बात की घोषणा की गई है कि वह अगर सत्ता में दोबारा आती है तो वीर सावरकर को भारत रत्न देने की मांग करेगी। इस बात की घोषणा के साथ ही देश में सावरकर को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है।
वहीं, वीर सावरकर को भारत रत्न देने की मांग को लेकर उठी राजनीतिक बहस के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने सोमवार को सावरकर की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने आजादी की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई और देश के लिए जेल गए।
इसके साथ ही कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि वह निजी तौर पर सावरकर की विचारधारा से सहमत नहीं हैं।
सिंघवी ने ट्वीट कर कहा कि मैं व्यक्तिगत तौर पर सावरकर की विचारधारा से सहमत नहीं हूं लेकिन इस तथ्य को नकारा नहीं जा सकता कि वह निपुण व्यक्ति थे जिन्होंने आजादी की लड़ाई में भूमिका निभाई, दलित अधिकारों की लड़ाई लड़ी और देश के लिए जेल गए। यह कभी नहीं भूलना चाहिए।
सिंघवी ने आगे कहा कि महात्मा गांधी के संदेशों के प्रसार के लिए हिंदी सिनेमा की हस्तियों की मदद लेने की खातिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी तारीफ की।
कांग्रेस नेता ने कहा कि जहां कोई व्यक्ति तारीफ का हकदार है वहां उसकी तारीफ होनी चाहिए। गांधी जी के स्वच्छता से जुड़े संदेश के प्रसार के लिए नरेंद्र मोदी बॉलीवुड की सॉफ्ट पावर का इस्तेमाल कर रहे हैं।
सावरकर के संदर्भ में सिंघवी की इस टिप्पणी से कुछ दिनों पहले ही पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मुंबई में संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि प्रधानमंत्री रहते हुए इंदिरा गांधी ने सावरकर की याद में डाक टिकट जारी किया था। उन्होंने यह भी कहा था कि हम सावरकर के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि उस विचारधारा के खिलाफ हैं, जिसके पक्ष में वह (सावरकर) खड़े थे।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र भाजपा ने अपने चुनावी घोषणापत्र में सावरकर को भारत रत्न दिए जाने की मांग की है। इसके बाद से ही इस मसले पर सियासी घमासान छिड़ गया है।
भाजपा का यह घोषणापत्र आने के बाद कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा था कि अगर सावरकर को भारत रत्न देने पर विचार होता है तो फिर इस देश को भगवान बचाए।