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केरल कांग्रेस विधायकों के बागी सुर, कहा- राज्यसभा कोई वृद्धाश्रम नहीं, कुरियन को भेजने के खिलाफ

Mon, 04 Jun 2018 10:34 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरूवनंतपूरम
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पीजे कुरियन (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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चेंगन्नूर उपचुनाव में मिली हार का अपमान झेलन के बाद केरल कांग्रेस की युवा ब्रिगेड ने वरिष्ठ नेताओं को आड़े हाथों लिया है और सार्वजनिक तौर पर अपनी राय जाहिर की है कि राज्यसभा के उपसभापति पीजे कुरियन को सदन में दोबारा नहीं भेजा जाना चाहिए। 
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केरल में तीन राज्यसभा सीटें इस महीने खाली हो रही हैं। सदन में विधायकों की संख्या बल के मुताबिक सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाली लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट को दो सीटें और कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट को एक सीट मिल सकती है।  

विधायक वीटी बलराम ने शनिवार को सोशल मीडिया फेसबुक पर लिखा, “मुझे आशा है कि राज्यसभा में तीन सत्र पूरा करने वाले पीजे कुरियन इस मौके पर समझदारी दिखाते हुए संसदीय राजनीति छोड़ देंगे।” 
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इस महीने रिटायर हो रहे 77 वर्षीय कुरियन रेस में सबसे आगे हैं, भले ही कांग्रेस के पास उप-सभापति के पद को बरकरार रखने लायक सांसदों की संख्या नहीं है। उच्च सदन में उप-सभापति का पद सालों से कांग्रेस के पास है। 

बलराम की तरह ही चार अन्य विधायकों ने भी कुरियन को दोबारा नामित करने के खिलाफ रविवार को मोर्चा खोल दिया। उन्होंने कहा कि कुरियन अस्सी के दशक से संसद में हैं और अब समय आ गया है कि वे युवा लोगों के लिए जगह खाली करें। 
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"उच्च सदन कोई वृद्धाश्रम" नहीं है"

राज्यसभा
हिबी ईडन, रोजी एम जॉन, अनिल अक्कारा और शफी परमभिल ने भी सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकाली। कई वरिष्ठ नेताओं ने भी इनका समर्थन किया है। 

ईडन ने कहा, पार्टी को यह समझा चाहिए कि "उच्च सदन कोई वृद्धाश्रम" नहीं है। वहीं जॉन ने कहा कि कुरियन जैसे लोगों को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के हालिया बयान को याद रखना चाहिए कि पार्टी प्लेटफार्म को युवाओं के लिए खोला जाना चाहिए।

कुरियन ने नई दिल्ली में एक समाचार चैनल को कहा कि अगर पार्टी चाहेगी तो वह दावेदारी छोड़ने के लिए तैयार हैं।
 
31 मई को उपचुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद पूर्व राज्य प्रमुख वीएम सुधीरन और के मुरलीधरन ने पार्टी में फैली गुटबाजी को हार के लिए जिम्मेदार ठहराया था। एक समय में कांग्रेस का गढ़ रही चेंगन्नूर सीट को पार्टी 20,956 वोटों से सत्तारूढ़ वामदल से हार गई थी। 
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