चेंगन्नूर उपचुनाव में मिली हार का अपमान झेलन के बाद केरल कांग्रेस की युवा ब्रिगेड ने वरिष्ठ नेताओं को आड़े हाथों लिया है और सार्वजनिक तौर पर अपनी राय जाहिर की है कि राज्यसभा के उपसभापति पीजे कुरियन को सदन में दोबारा नहीं भेजा जाना चाहिए।
केरल में तीन राज्यसभा सीटें इस महीने खाली हो रही हैं। सदन में विधायकों की संख्या बल के मुताबिक सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाली लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट को दो सीटें और कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट को एक सीट मिल सकती है।
विधायक वीटी बलराम ने शनिवार को सोशल मीडिया फेसबुक पर लिखा, “मुझे आशा है कि राज्यसभा में तीन सत्र पूरा करने वाले पीजे कुरियन इस मौके पर समझदारी दिखाते हुए संसदीय राजनीति छोड़ देंगे।”
इस महीने रिटायर हो रहे 77 वर्षीय कुरियन रेस में सबसे आगे हैं, भले ही कांग्रेस के पास उप-सभापति के पद को बरकरार रखने लायक सांसदों की संख्या नहीं है। उच्च सदन में उप-सभापति का पद सालों से कांग्रेस के पास है।
बलराम की तरह ही चार अन्य विधायकों ने भी कुरियन को दोबारा नामित करने के खिलाफ रविवार को मोर्चा खोल दिया। उन्होंने कहा कि कुरियन अस्सी के दशक से संसद में हैं और अब समय आ गया है कि वे युवा लोगों के लिए जगह खाली करें।