फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चुनावी पोस्टरों में कांग्रेस के हीरो बने कन्हैया-वेमुला

Tue, 15 Mar 2016 07:05 PM IST
दिलीप कुमार शर्मा / गुवाहाटी, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
विज्ञापन
- फोटो : bbc
विज्ञापन
असम में कांग्रेस के चुनावी पोस्टरों में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार और हैदराबाद यूनिवर्सिटी के दिवंगत दलित छात्र रोहित वेमुला की तस्वीरें नजर आ रही हैं। जबकि दोनों का कांग्रेस से कोई नाता नहीं है।
विज्ञापन


इनके अलावा पोस्टर में एक किसान को आत्महत्या करते दिखाया गया है, जबकि एक महिला छोटे बच्चे को पकड़कर चीख-चीखकर रो रही है। असमिया भाषा में पोस्टर में बड़े अक्षरों में लिखा है, "क्या यही मोदी के अच्छे दिन है? फैसला आपका।"

असम में 4 और 11 अप्रैल को विधानसभा के लिए वोट डाले जाएंगे।असम प्रदेश कांग्रेस के नेता रिपुन बोरा ने बीबीसी से कहा, "कांग्रेस ने चुनावी फायदे के लिए यह पोस्टर नहीं लगवाए हैं। पार्टी का मकसद यहां के आम लोगों और मतदाताओं को इस बात की जानकारी देना है कि बिना किसी अपराध के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने इन लोगों को सताया है। ये मोदी सरकार की तानाशाही है।"
विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

आम लोगों पर पोस्टर का क्या असर पड़ेगा

वहीं प्रदेश भाजपा के प्रभारी महेंद्र सिंह का कहना है, "कांग्रेस ने जिस तरीके से इस पोस्टर को लगाने का काम किया है, पूरा देश देख रहा है। देश के लोग ये देख रहे हैं कि जो राष्ट्रद्रोह के नारे लगाते हैं, कांग्रेस उनके साथ खड़ी है। कांग्रेस जिस कदर इन पोस्टरों से चुनावी फायदा उठाना चाहती है, असम की जनता उसका जवाब देगी।"

लेकिन आम लोगों पर इस पोस्टरों का क्या असर पड़ेगा? गुवाहाटी के रिक्शा चालक रफीक का कहना है कि वो पोस्टरों को देखकर कभी वोट नहीं देते। वकील और असम की राजनीति पर समझ रखने वाले हाफ‌िज रशीद अहमद चौधरी का मानना है कि कन्हैया का मामला अदालत में है और ऐसे में किसी पार्टी को उनका इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए नहीं करना चाहिए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें