फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राज्यसभा में फिर गूंजेगा तीन तलाक मुद्दा, कांग्रेस ने सभी सांसदों को मौजूद रहने के दिए आदेश

Fri, 05 Jan 2018 12:02 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
rajyasabha - फोटो : PTI
विज्ञापन

राज्यसभा में गुरुवार को भी तीन तलाक बिल पर गरमा गर्मी बनी रही और इसी वजह से सदन को स्थगित भी किया गया। केंद्र और विपक्ष के बीच आज यानि शुक्रवार को भी इस मुद्दे पर बहस के आसार बने हुए हैं, क्योंकि मौजूदा सरकार राज्यसभा में अल्पमत में है और उसके पास इस बिल को स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजने के अलावा कोई दूसरा चारा बचा नहीं है।

विज्ञापन


मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस ने अपने सांसदों को व्हिप जारी करते हुए राज्यसभा में मौजूद रहने के आदेश दिए हैं।
 


दरअसल, लोकसभा से पारित होने के बाद मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक-2017 मंगलवार को राज्यसभा में पेश कर दिया गया और उसके बाद अभी तक इस बिल पर पक्ष और विपक्ष आमने-सामने है। हालांकि, बिल पेश होते ही पूर्वानुमानों के अनुसार हंगामा होना था और वो चल भी रहा है। 
विज्ञापन


प्रमुख विपक्षी कांग्रेस सदस्यों ने बिल में शामिल कई प्रावधानों को लेकर कड़ी आपत्ति जताई। विपक्ष के अन्य सांसदों ने भी कांग्रेस के सुर में सुर मिलाए। संसद के बाहर केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह सिर्फ साढ़े तीन क्लॉज का बिल है लेकिन कांग्रेस पार्टी इसे लटकाना चाहती है।

लोकसभा में हमारा बहुमत था और वहां रोक नहीं सकती थी, इसलिए मजबूरी में समर्थन किया और राज्यसभा में हम अल्पमत में हैं तो वो इसे लटका रही है। प्रसाद ने कहा- आज देश ने कांग्रेस का वो चेहरा देख लिया जो महिलाओं के विरोध में है।
विज्ञापन


पढ़ें: हंगामे के बीच 15 साल बाद राज्यसभा में बना ये रिकॉर्ड, चेयरमैन ने दी बधाई 

इससे पहले वित्तमंत्री जेटली ने बताया कि क्यों इस बिल को स्टैंडिंग कमेटी को नहीं भेजा जा सकता, उनके अनुसार तीन तलाक को सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक घोषित कर दिया है, और कोर्ट के दो जजों ने छह महीने के लिए तीन तलाक पर रोक लगाई थी और वो अवधि 22 फरवरी को पूरी हो रही है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें