राफेल डील के मुद्दे पर शुक्रवार को लोकसभा में जबरदस्त बहस हुई। सरकार की और से रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने करीब 2 घंटे तक सदन में अपनी बात रखी। इस दौरान राहुल गांधी से भी उनकी जोरदार बहस हुई। कांग्रेस पर पलटवार करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि वह झूठा प्रचार कर रही है और उसने देश की सुरक्षा से खिलवाड़ किया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को राफेल डील पर आरोप लगाने से पहले ठीक तरह से होमवर्क करना चाहिए।
मोदी को वापस लाएगा राफेल सौदा
यूपीए सरकार के दौरान हुई राफेल डील और मौजूदा सरकार में हुई डील के बीच तुलना करते हुए निर्मला सीतारमण ने सिलसिलेवार ढंग से विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ झूठे प्रचार किया गया क्योंकि पिछले चार साल के दौरान उन्होंने साफ सुथरी सरकार चलाई है।
इस दौरान उन्होंने कहा, मुझे यह कहते हुए घृणा हो रही है। मैं बोफोर्स की तुलना नहीं करना चाहती हूं। बोफोर्स एक घोटाला था जबकि राफेल विमान रक्षा जरूरत से जुड़ा है। बोफोर्स ने उन्हें (कांग्रेस सरकार) गिराया, राफेल मोदी को वापस लाएगा। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा नरेंद्र मोदी को नए भारत के निर्माण के लिए, भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए वापस लाएगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि हमारे पड़ोस और आसपास का माहौल बहुत अस्थिर है। जो भी सरकार में हैं, वे शांति चाहते हैं, लेकिन यह हमारी सैन्य अभियान तैयारी की कीमत पर नहीं हो सकता। हमें यह समझना होगा कि समय पर खरीद होनी चाहिए।
चीन ने 400 विमान बेडे़ में शामिल किए
उन्होंने कहा कि चीन ने 2004 से 2014 के दौरान 400 विमान अपने बेड़े में शामिल किए। वहीं पाकिस्तान ने अपने विमानों की संख्या में दो गुने की बढ़ोतरी की है। उन्होंने कहा कि हमारे पास 42 स्क्वाड्रन थे जो घटकर 33 रह गये। सीतारमण ने कहा कि वे (कांग्रेस) 18 विमान फ्लाईवे स्थिति में खरीद रहे थे और शेष विमान 11 साल में बनते।
निर्मला सीतारमण ने राफेल मामले में कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार में रहते हुए कांग्रेस की मंशा विमान की खरीदने की नहीं थी, जबकि राष्ट्रीय सुरक्षा को जोखिम था। मेरा आरोप है कि उनका इरादा विमान खरीदने का इरादा नहीं था। राष्ट्रीय सुरक्षा को जोखिम था, लेकिन वे विमान नहीं खरीदना चाहते थे।
उन्होंने कहा कि सरकारों के बीच समझौते पर 23 सितंबर, 2016 को हस्ताक्षर किया गया। पहला विमान इस तिथि से तीन साल के भीतर यानी 2019 में आ जाएगा और शेष विमान 2022 तक आ जाएंगे। रक्षा मंत्री ने कहा कि बातचीत की प्रक्रिया 14 महीने में पूरी कर ली गई। हमने 10 साल का समय नहीं लगाया।
उन्होंने कांग्रेस पर देश को इस मुद्दे पर गुमराह करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आपने (कांग्रेस) सौदे को रोक दिया। यह भूल गये कि वायुसेना को इसकी जरूरत है। क्योंकि यह सौदा आपको रास नहीं आया। दरअसल इससे आपको पैसा नहीं मिला। बहस के अंत में निर्मला सीतारमण ने राहुल गांधी को कुछ समय पहले आंख मारने पर भी घेरा। उन्होंने कहा, क्या आपने (राहुल गांधी) पीएम की तरफ आंख मारने पर खेद जताया है। इस तरह से सदन नहीं चलता है।
साथ ही उन्होंने कहा कि मेरे पास कोई खानदान नहीं है। पीएम भी एक गरीब पृष्ठभूमि से आते हैं। वह कड़ी मेहनत करके यहां तक पहुंचे हैं। मेरा सम्मान बरकरार है। पीएम का सम्मान भी बरकरार है। हम सभी सामान्य पृष्ठभूमि से आए हैं।