कांग्रेस ने आरएसएस से वैचारिक और सामाजिक लड़ाई के मैदान में अपने सबसे पुराने फ्रंटल संगठन सेवादल को आगे किया है। सेवादल कुछ पुरानी परंपराओं को फिर से अपनाकर और कुछ को छोड़कर आधुनिक अंदाज में यंग ब्रिगेड के साथ काम करेगा। अगस्त से ब्लू जींस और सफेद शर्ट में सेवादल की यंग ब्रिगेड काम करना शुरू कर देगी। सेवादल के कार्यकर्ता अब उम्र और अनुभव के आधार पर पांच श्रेणियों सहयोगी, समर्थ, विशारद, राष्ट्ररत्न और तपस्वी के रूप में काम करेंगे। कांग्रेस में सेवादल 1923 से काम कर रहा है लेकिन वर्तमान अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में इस संगठन में ढांचागत बदलाव किए गए हैं।
सेवादल की अपनी युवा ब्रिगेड तैयार है जो अगले महीने अगस्त से सक्रिय रूप से दिखाई देगी। युवा ब्रिगेड पुरानी परंपरा के अनुरूप सफेद पैंट सफेट शर्ट और गांधी टोपी में नहीं बल्कि ब्लू जींस, सफेद शर्ट और कैप में दिखेंगे। हालांकि सेवादल में काम करने वाले पुराने और 45 साल से ऊपर के लोग पुरानी पारंपरिक ड्रेस और गांधी टोपी में ही रहेंगे। सेवादल का कार्यकर्ता अब तिरंगे और कांग्रेस के झंडे को छोड़ किसी नेता को सैल्युट नहीं करेगा।
सेवादल महात्मा गांधी के समय होने वाले ध्वज वंदन को जनता के बीच लेकर जाएगा। सेवादल हर महीने के अंतिम रविवार को हर जिला-शहर में ध्वज लहराकर राष्ट्र गीत वंदेमातरम और जन गण मन के साथ ध्वज वंदन कार्यक्रम आयोजित करेगा। हालांकि कुछ जगहों पर इसकी शुरूआत हो चुकी है। सेवादल के चीफ आर्गेनाइजर लालजी देसाई का कहना है कि वैचारिक क्रांति के दौर और आएसएस के षडयंत्र से देश को बचाने राष्ट्रनिर्माण, राष्ट्रप्रेम और समाज के प्रति दायित्व को निभाने का काम करेंगे।
इसके लिए सालों से बंद बौद्धिक सत्र को फिर से शुरू किया जाएगा। उनका कहना है कि हम किसी की नकल नहीं कर रहे हैं बल्कि सेवादल में सालों पहले ध्वज वंदन, बौद्धिक और समाज से जुड़ी कई गतिविधियां चलती थीं जिन्हें फिर से शुरू किया जा रहा है। नए ड्रेस कोड को लेकर लालजी देसाई का कहना है कि पहले भी सेवादल ने ड्रेस बदला है और इसे लेकर हमारी संकीर्ण सोच भी नहीं है।
महिलाओं को क्या पहनना है इसका फैसला उनकी कमेटी खुद करेगी। ब्लू जींस का फैसला इसलिए किया गया है कि ज्यादातर युवाओं के पास उपलब्ध रहती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेवादल के कार्यकर्ता भी चुनाव लड़ सकेंगे लेकिन उसके लिए पद छोडना पड़ेगा। युवा बिग्रेड रक्तदान शिविर जैसे आयोजन के साथ प्राकृतिक आपदा आदि में लोगों की मदद को तैयार रहेगी।