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Aditya-L1: कांग्रेस ने सूर्य मिशन के प्रक्षेपण को शानदार उपलब्धि बताया; ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का भी किया जिक्र

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Sat, 02 Sep 2023 02:44 PM IST

सार

चंद्रयान-3 की सफलता के बाद भारत ने शनिवार को अपने पहले सूर्य मिशन ‘आदित्य एल-1’ को प्रक्षेपित किया। इस बीच कांग्रेस ने सूर्य मिशन ‘आदित्य एल1’ को देश के लिए शानदार उपलब्धि करार दिया है। पार्टी ने कहा कि मिशन को 2009 में इसरो की मंजूरी मिली थी।
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जयराम रमेश - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


जयराम रमेश ने याद दिलाई टाइमलाइन
  • 2006 में एस्ट्रोनॉमिकल सोसायटी ऑफ इंडिया और इंडियन एकेडमी ऑफ साइंसेज के वैज्ञानिकों ने एक उपकरण के साथ सौर वेधशाला के कॉन्सेप्ट का प्रस्ताव रखा था। 
  • मार्च 2008 में वैज्ञानिकों ने इसरो के साथ इस प्रस्ताव को साझा किया। 
  • दिसंबर 2009 में इसरो ने एक उपकरण के साथ आदित्य-1 परियोजना को मंजूरी दी। 
  • अप्रैल 2013 में पूर्व अध्यक्ष यूआर राव के हस्तक्षेप के बाद एक घोषणा की, जिसमें वैज्ञानिक समुदाय से अधिक वैज्ञानिक उपकरणों (पेलोड) के प्रस्तावों की मांग की गई थी।
  • जून 2013 में इसरो ने प्राप्त वैज्ञानिक प्रस्तावों की समीक्षा की। 
  • जुलाई 2013 में इसरो ने आदित्य-1 मिशन के लिए सात पेलोड का चयन किया। इस मिशन का अब नाम बदलकर आदित्य एल1 मिशन कर दिया गया है।
  • नवंबर 2015 में इसरो ने औपचारिक रूप से आदित्य-एल 1 को मंजूरी दी।

सूर्य मिशन ‘आदित्य एल-1’ को प्रक्षेपित किया

इससे पहले चंद्रयान-3 की सफलता के बाद भारत ने शनिवार को अपने पहले सूर्य मिशन ‘आदित्य एल-1’ को प्रक्षेपित किया। प्रक्षेपण भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के रॉकेट पीएसएलवी-सी57 से किया गया। पीएसएलवी-सी57 द्वारा आदित्य-एल1 का प्रक्षेपण सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। पीएसएलवी ने सैटेलाइट को ठीक उसकी इच्छित कक्षा में स्थापित कर दिया है और अब भारत की पहली सौर वेधशाला ने सूर्य-पृथ्वी लैग्रेंजियन (एल1) बिंदु के गंतव्य के लिए अपनी यात्रा शुरू कर दी है। इसरो ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट कर यह जानकारी दी।
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