फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnataka: ‘सरकार के रवैये से परेशान किसान’, बोम्मई ने कावेरी नदी मामले को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना

Thu, 17 Aug 2023 03:29 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कर्नाटक

सार

इससे पहले कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने सोमवार को मुख्यमंत्री सिद्धरमैया से आग्रह किया था कि तथ्यों के आधार पर कड़ा रुख अपनाएं कि राज्य तमिलनाडु को कावेरी जल नहीं दे सकता। इस संबंध में बोम्मई ने मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखा था।
विज्ञापन
Basavaraj Bommai - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसान वर्तमान सरकार के रवैये से हैरान हैं। कांग्रेस ने किसानों और कावेरी नदी बेसिन के लोगों को धोखा दिया है। 

गलत के खिलाफ नहीं खड़ी हुई यह सरकार

विज्ञापन

बोम्मई ने कहा कि इस सरकार ने कभी भी तमिलनाडू के कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण में अपना मामला नहीं लड़ा। तमिलनाडू 32 हजार मिलियन क्यूबिक फीट (टीएमसी) का उपयोग करने के बजाय 60 टीएमसी का इस्तेमाल कर रही है। कर्नाटक सरकार ने गलत के खिलाफ लड़ाई नहीं लड़ी और इसे जाने दिया। उन्होंने पूछा कि यह किस तरह की सरकार है? 

राज्य तमिलनाडु को नहीं दे सकता कावेरी जल
इससे पहले कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने सोमवार को मुख्यमंत्री सिद्धरमैया से आग्रह किया था कि तथ्यों के आधार पर कड़ा रुख अपनाएं कि राज्य तमिलनाडु को कावेरी जल नहीं दे सकता। इस संबंध में बोम्मई ने मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखा था। इसमें भाजपा नेता ने कहा था कि पानी तमिलनाडु को देने से कर्नाटक के लोगों और किसानों के लिए मुश्किल पैदा हो जाएगी।

वहीं दूसरी ओर, तमिलनाडु सरकार ने शुक्रवार को कहा था कि उसके पास कावेरी जल पाने के लिए उच्चतम न्यायालय में जाने के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं है। इसने कहा था कि कर्नाटक ने अपना रुख बदल लिया है और केवल 8000 क्यूसेक पानी छोड़ने की बात कही है जो कम है।

बोम्मई ने कहा था कि कावेरी नदी घाटी में पानी की कमी की अनदेखी करते हुए निषिद्ध करुवई क्षेत्र (तमिलनाडु) में चार बार पानी दिया गया है, जो कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण के आदेश का उल्लंघन है। वहीं, पानी छोड़े जाने से कर्नाटक के लोगों और किसानों के लिए कठिनाई पैदा होगी। मुझे विश्वास है कि आप कावेरी नदी घाटी के लोगों के हितों की रक्षा करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें