कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी चुनाव घोषणा पत्र को पार्टी जनता से किए वादों का दस्तावेज बताते हैं। पिछले काफी समय से वह किसान कर्ज माफी की भी वकालत कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में भी कांग्रेस ने किसानों को सरकार बनने पर कर्जमाफी का भरोसा दिलाया है। मध्य प्रदेश में भी कांग्रेस किसान कर्जमाफी का लगातार वादा कर रही है।
कांग्रेस अपनी घोषणा पर मिल रही प्रतिक्रिया से जहां बाजी पलटने की उम्मीद कर रही है, वहीं मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के भाजपा रणनीतिकारों भी को परेशान कर रही है। मध्य प्रदेश भाजपा के एक बड़े नेता का मानना है कि कांग्रेस का यह वादा परेशानी का सबब बन सकता है।
भाजपा के किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद वीरेन्द्र सिंह मस्त का कहना है कि कांग्रेस को आदत है वह वादा कर लेती है और उसे पूरा नहीं करती। मस्त का कहना है कि 70 साल का इतिहास उठाकर देख लीजिए, कांग्रेस के घोषणा पत्र में किए गए वादों की कलई खुल जाएगी।
किसानों से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया लगातार कर्ज माफ करने का वादा कर रहे हैं, लेकिन ये लोग खेती-खलिहानी, किसान का दर्द क्या जानें। उन्होंने कहा कि सिंधिया और राहुल गांधी दोनों यह नहीं बता सकते कि गाय, भैंस से कैसे दूध निकाला जाता है। ये धान, गेंहूं, ज्वार बाजरा का पौधा भी नहीं पहचान सकते।
भाजपा की नीति : किसान की आय हो दो गुनी
वीरेन्द्र सिंह मस्त का कहते हैं कि कांग्रेस की नीतियों का ही असर है, देश का किसान कर्जदार है। भाजपा इसके खिलाफ है। हम चाहते ही नहीं कि किसान कर्जदार बने। इसलिए केन्द्र की मोदी सरकार ने किसानों की लागत घटाने और उनकी आय को दो गुनी करने पर ध्यान दिया है। भाजपा किसान की आय दो गुनी करने की पक्षधर है। हालांकि मस्त ये भी कहते हैं कि भाजपा ने उ.प्र. में किसानों का कर्जा माफ करने का वादा किया। इसी तरह से कुछ अन्य राज्यों में भी पार्टी ने ऐसा किया है, लेकिन पार्टी किसानों को समृद्ध बनाने की पक्षधर है।
उद्योगपतियों की सरकार
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, मीडिया विभाग के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला, कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत पार्टी की पूरी ब्रिगेड केन्द्र की मोदी सरकार को उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने वाली सरकार बताती है। इसके साथ-साथ कांग्रेस अध्यक्ष लगातार किसानों की बदहाली, कर्ज के बोझ में दबा किसान और यूपीए सरकार के समय में किसानों का 70 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ करने की नीति बताना नहीं भूलते।
बताते हैं किसानों की कर्ज माफी का यह वादा छत्तीसगढ़ और म.प्र. में सिर चढ़कर बोल रहा है। कांग्रेस की इस रणनीति को भांपकर छत्तीसगढ़ में भाजपा ने वृद्धि किसानों को पेंशन देने का वादा किया है। वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी लगातार किसानों का हितैषी होने, राज्य सरकार के बजट का बड़ा हिस्सा कृषि के मद में खर्च करने का दावा कर रहे हैं। वीरेन्द्र सिंह मस्त भी यह बताना नहीं भूल रहे हैं कि खेती-खलिहानी के लिए शिवराज सिंह सरकार कितना समर्पित रही है।
पलट सकती है बाजी
कांग्रेस की सांसद सुष्मिता देव मोदी सरकार को किसान विरोधी बताती हैं। कांग्रेस के नेता किसानों के लिए केन्द्र सरकार की फसल बीमा योजना को बड़ा घोटाला बता रहे हैं। इसके समानांतर वीरेन्द्र सिंह मस्त समेत अन्य भाजपा नेताओं का कहना है कि केन्द्र सरकार ने कृषि नीति को व्यवस्थित किया है।
सरकार लंबे समय की योजना पर काम रही है। लेकिन भाजपा के सूत्र भी मान रहे हैं कि किसानों की कर्ज माफी विधानसभा चुनाव में गणित खराब कर सकती है। हालांकि वीरेन्द्र सिंह मस्त का कहना है कि कांग्रेस की सत्ता में वापसी जमाने की बात हो गई है। कांग्रेस केवल लोगों को धोखा देना जानती है, लेकिन म.प्र. भाजपा के एक बड़े पदाधिकारी ऑफ दि रिकार्ड मानते हैं कि यह कांग्रेस का यह दांव कारगर हो सकता है।